मेरा हाथ थामे रहना

आएं मुसीबत मैं सब झेल लूंगा

कभी न मुंह से मैं उफ़ तक करूंगा

मुझ संग सदा ही बनाए रखना साथ

मेरा बस हाथ थामे रखना भोलेनाथ


घटाएं हो काली मैं कभी न डरूंगा

सामना मुश्किलों का मैं डट कर करूंगा

विपदा में कभी न छोड़ना मेरा साथ

मेरा बस हाथ थामे रखना भोलेनाथ


चाहे जितने हों संकट खड़ा मैं रहूंगा

आधि हो व्याधि मैं सब झेल लूंगा

कृपादृष्टि मुझ पर बनाए रखना आप

मेरा बस हाथ थामे रखना भोलेनाथ


भक्ति में आपकी मैं कभी कसर न रखूंगा

पीना पड़े ज़हर भी तो हंस के पियूंगा

दो मुझे दर्शन कभी करो मुलाकात

मेरा बस हाथ थामे रखना भोलेनाथ


न हो इच्छा पूरी मैं आत्म मंथन करूंगा

श्रद्धा में आपकी कोई पर कमी न करूंगा

यूं ही सही राह दिखलाते रहना नाथ

मेरा बस हाथ थामे रखना भोलेनाथ


कांटों के पथ पर मैं हंस कर बढूंगा

संगी साथी सबको साथ लेकर चलूंगा

आपकी दया की यूं ही होती रहे बरसात

मेरा बस हाथ थामे रखना भोलेनाथ


चरणों में सदा ही आपके बसर मैं करूंगा

भांग धतूरा बेलपत्र से प्रसन्न मैं करूंगा

मन में करता रहूंगा सदा आपका ही जाप

मेरा बस हाथ थामे रखना भोलेनाथ


पिंकी सिंघल

अध्यापिका

शालीमार बाग दिल्ली