छः सौ रेल कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

गोण्डा...। पूर्वोत्तर रेलवे के.लखनऊ मण्डल गोण्डा के कर्मचारियों ने.अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही प्रथा को समाप्त करने जिस.पर महाप्रबंधक ने 9 अप्रैल 2021 को बंद करने का आदेश जारी किया था। लेकिन पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ में अभी तक इस प्रथा को बंद नहीं किया गया है और परिचालन विभाग के अति संवेदनशील पद को माने जाने वाले कांटा वाला उसका शोषण आज भी जारी है। जबकि पूर्वोत्तर रेलवे के अन्य मंडलों में बक्से की प्रथा को बंद कर दिया गया है और सभी लोको पायलटों को ट्रॉली बैग दे दिया गया है।स्टेशन पर कार्यरत कांटा वाले के ऊपर कांटों के रखरखाव की जिम्मेदारी ट्रेनों की सेटिंग करने की जिम्मेदारी चैन गुटका लगाने की जिम्मेदारी साथ में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने की जिम्मेदारी कांटा वालों के ऊपर होती है। उसके बाद वह 60 किलो से 70 किलो का बुझा बिना किसी सहायता के अपने सर पर उठाकर ड्यूटी कैसे कर पाएंगे। ऑल पॉइंट्स मैन गेट मैन यूनियन के उपाध्यक्ष प्रभाकर वर्मा जी द्वारा इस प्रथा का विरोध किया गया जिससे कि यह प्रथा दूर हो सके, जिस पर लोको पायलटों ने ट्रेन पर आने से मना कर दिया जिसका नतीजा कर्मचारी अपने अधिकार के लिए आगे आया। उस को सस्पेंड करते हुए लखनऊ पुट अप कर दिया गया है। यह कहां का न्याय है?जरा सी लापरवाही होने पर उसे सस्पेंड करते हुए भारी दंड दिया जाता है जो सरासर गलत है और यूनियन इसका विरोध करती है।