क्या आप भी करती हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग, तो जरूर रखें इन बातों का ध्यान

वजन घटाने के लिए आजकल इंटरमिटेंट फास्टिंग का खूब चलन है। इसमें भोजन में अंतराल और कैलोरीज का ध्यान रखा जाता है। अध्ययनों में सामने आया है कि यह महिलाओं के मुकाबले पुरुषों पर ज्यादा कारगर है। इनमें थोड़े बदलाव करके महिलाएं भी इससे लाभ उठा सकती हैं-

क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग?

यह भी वजन घटाने का एक नया तरीका है। इंटरमिटेंट फास्टिंग में एक तय अंतराल तक कुछ भी नहीं खाना होता।  नियमानुसार दिन में केवल दो बार खाना खाया जाता है। इस तरीके से ज्यादातर लोग न केवल वजन घटा रहे हैं बल्कि कई बीमारियों से बच भी रहें हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मनना है कि सभी पर यह तरीका काम करे, यह जरूरी नहीं। महिलाओं के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का तरीका नुकसानदायक भी हो सकता है।

क्या हैं नुकसान

हम जानते हैं कि महिलाओं और पुरुषों के अंदर मौजूद हार्मोन अलग-अलग होते हैं। अगर पुरुष इंटरमिटेंट फास्टिंग का तरीका अपनाते हैं, तो उनकी बॉडी अलग तरह से रिएक्ट करती है। जबकि महिलाओं में इस डाइट के परिणाम न केवल हताशा भरे हैं बल्कि यह महिलाओं के शरीर पर बुरा असर भी डाल सकती है।

एक अध्ययन में सामने आया है कि इस डाइट का तीन हफ्ते तक पालन करने पर महिलाओं के शरीर में ब्लड शूगर का स्तर बिगड़ने लगता है। जबकि पुरुषों में इस तरह के परिणाम देखने को नहीं मिले। यही नहीं अगर महिलाएं लंबे समय तक इस तरह के डाइट पैटर्न को फॉलो करती हैं तो इससे मासिक धर्म का चक्र भी गड़बड़ा सकता है।

क्यों होता है

विशेषज्ञों के अनुसार- महिलाओं का शरीर कैलोरीज के प्रतिबंध ज्यादा संवेदनशील होता है। ऐसे में अगर महिलाएं लंबे समय तक इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान कम कैलोरीज लेती हैं, तो मस्तिष्क के एक छोटे से हिस्से पर बुरा असर पड़ता है। इसे हाइपोथैलेमस कहा जाता है। इसकी वजह से मासिक धर्म में गड़बड़ी, बांझपन और हड्डियों में कमजोरी की समस्या पैदा हो सकती है।लंबे समय तक न करें इंटरमिटेंट फास्टिंगविशेषज्ञों के अनुसार- यदि कोई महिला इसे अपनाती है, तो वे फास्टिंग का समय कम रखे। फास्टिंग के लिए चुनाव की बात करें तो आप 16ध्8 और हफ्ते में 5 दिन इंटरमिटेंट फास्टिंग का विकल्प चुन सकती हैं।

डाइट प्लान

न रखें एक बार में 24 घंटे से ज्यादा तक फास्ट।

12 से 16 घंटे तक ही फास्ट रखना सही विकल्प।

लगातार कई दिनों तक न करें फास्ट।

तरल पदार्थों और हेल्दी डाइट का अधिक सेवन करें।

कैलोरी इनटेक को अधिक कम न करें।

करें योग और दौड़ने जैसे हल्के व्यायाम।

ये महिलाएं न करें इंटरमिटेंट फास्टिंग

ऐसी महिलाओं को इंटरमिटेंट फास्टिंग नहीं करनी चाहिए जो किसी भोजन विकार से पीड़ित हों। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली मांओं, क्रोनिक स्ट्रेस की मरीज और नींद की परेशानी से जूझने वाली महिलाओं को भी इसे नहीं करना चाहिए।