तुम्हीं को लाल वियतनाम कहूँ

सोचता हूँ तुम्हें सलाम कहूँ।

ज़िन्दगी शेष तेरे नाम कहूँ।


तिरी आँखों में डूबकर तुमको,

खूबसूरत अवध की शाम कहूँ।


कहूँ तुमको ही चमेली बेला,

तुम्हीं को लाल वियतनाम कहूँ।


दो इजाज़त तो आज से तुमको,

गोमती तट का एहतराम कहूँ।


प्रश्न जब इन्कलाब का आए,

जवाब में तुम्हारा नाम कहूँ।


दिल कहे लख तुम्हें करूँ सजदा,

मन कहे झुक के राम राम कहूँ।


तुम अगर साथ दो तो दुनियाँ में,

तेरे बगैर सब हराम कहूँ।


- धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव ( धीरु भाई )