वृद्ध आश्रम में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

गोंडा । मा० जनपद न्यायाधीश श्री मयंक कुमार जैन के निर्देश के अनुपालन में 2021 को वृद्ध आश्रम ,गोण्डा में वर्चुवल मोड के माध्यम से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा के सचिव श्री कृष्ण प्रताप सिंह द्वारा किया गया । वर्चुवल माध्यम से आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में सचिव द्वारा वृद्ध आश्रम, गोण्डा में निवास कर रहे वरिष्ठ नागरिकों के बावत जानकारी देते हुए बताया गया कि जीवन को मुख्यतः तीन अवस्थाओं में बाटा गया है, बाल्यावस्था, युवावस्था तथा वृद्धावस्था। जिस प्रकार बाल्यावस्था के बाद युवावस्था आती है , ठीक उसी प्रकार युवावस्था के बाद वृद्धावस्था आती है, इसलिए हर कोई सदैव युवा रहने का स्वप्न देखता है। वृद्धावस्था में उसे समाज एवं परिवार की नजरों में बोझ, अनुपयोगी आदि समझो जाने से उसे मानसिक पीड़ा होती है। जो व्यक्ति कुछ समय पहले तक सबके लिए विशिष्ट था, महत्वपूर्ण था, अचानक ही उसे बोझ समझा जाने लगता है, जब उसके मान- सम्मान व भावनाओं का महत्व काफी कम हो जाता है और वह मानसिक रूप से स्वयं को अकेला पाता है तो वह उसके जीवन का सबसे कठिन समय होता है। आज हममें से बहुत से लोग बुजुर्गों के महत्व से भली - भांति परिचित नहीं है। बड़े बुजुगों से परिवार में अनुशासन बना रहता है । अक्सर प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए बुजुर्गों के अनुभव बहुत उपयोगी सिद्ध होते हैं। इसके अतिरिक्त सचिव द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय के विधि - व्यवस्था , सरकारी नीतियों एवं निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की विस्तृत जानकारी दी गयी । सचिव द्वारा वृद्ध आश्रम , गोण्डा में प्रवास कर रहे वरिष्ठ नागरिकों के आश्रय एवं भण्डार / पाक गृह के साफ - सफाई हेतु आवश्यक निर्देश देते हुए कोविड -19 प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करने हेतु बताया गया ।