"हास्य व्यंग्य"

शीतल ने अपने पति विकास से कहा सुनिए आज आप ऑफिस से छुट्टी ले लीजिए न, विकास बोला क्यूँ किस खुशी में, तुम्हें पता है ना आज नये बाॅस ज्वाइन करने वाले है, यार ऑफिस में बहुत काम है नहीं ले सकता छुट्टी। पर बताओ तो सही छुट्टी लेने की वजह? 

शीतल ने कहा अरे वो मेरी सहेली है न वृंदा उसकी सास की बरसी है आज, तो होटेल प्रेसिडेंट में लंच रखा है, विकास की आँखें चकरा गई, और सुनों थिम क्या है पता है? व्हाइट आउटफ़ीट वो भी वेस्टर्न, और हाँ आज सबके मोबाइल में रिंगटोन रहेगी गायत्री मंत्र। और मंत्रोच्चार पर डांस होगा। और हाय रे बेचारी ने कितना ख़याल रखा सबकी पसंद का लंच के साथ रेडवाइन और ठंडी बियर भी सर्व की जाएगी, उपर से कलकत्ती पान भी। और एक ब्राह्मण को भी खाने पर बुलाया है, एक धोती भी गिफ़्ट करेगी ब्राह्मण को, कल कितनी जगह घूमकर अच्छी वाली सिल्क की धोती ली कितनी उदार दिल है ना मेरी दोस्त। 

वृध्धाश्रम में कितना बड़ा दान दे रही पता है। सारे वृद्धों को साबुन की एक-एक टिकीया दे रही है जो उनकी ही फैक्ट्री में बनता है।

मैंने तो उसे बोला भी की बता क्या गिफ़्ट चाहिए हम सारी सहेलियां मिलकर लेते है कुछ, तो बोली नहीं रे मेरी सास कंजूस मक्खी चूस थी ऐसे फ़ालतू खर्च के ख़िलाफ़ थी। उसे क्या पता हम भी कौनसे दानवीर है कि हीरे जवारात देते। पूछने में क्या जाता है। और सुनों ना 12 कुत्ते, दो गाय और 10 कौवों को भी निमंत्रण दिया है उन सबके लिए स्पेशल खीर पूडी भी बनवाएगी, और वृंदा ने इन सबके साथ-साथ आपको भी साथ लाने के लिए खास बोला है और अपने टोमी को भी साथ ले लूँगी, हमारी तरफ़ से इतना कांन्ट्रिब्यूशन काफ़ी है ना? जितने ज़्यादा कुत्ते खाएंगे उतना ज़्यादा पुण्य पहुँचेगा उनकी सास को। 

अरे सुनों मैं क्या पहनूँ परसों ही इस फंक्शन के लिए सफ़ेद साड़ी और सूट मोल जाकर ले आई हूँ, पर समझ नहीं आ रहा क्या पहनूँ। पता नहीं और सबके सामने कहीं फ़िकी न पड़ जाऊँ। विकास बाॅस को भूल गया, ऑफ़िस भूल गया हाय रे आजकल की बहूएं कहते सिने पर हाथ दबाए सो गया कोई मेरी बरसी की तैयारी करो रेएएएए बाबा।


(भावना ठाकर, बेंगुलूरु)#भावु