तुझसे ज्ञान है

हे ज्ञान दायनी माँ

सब कृपा कर माँ

मैं तेरे दर खड़ी हूँ

ज्ञान तो वर्षा माँ

हाथ में वीणा है माँ

स्वर सुरीला है माँ

पहने मुक्ता हार माँ

वर्षा अपना प्रेम माँ

हंस पर विराजती माँ

श्वेत वस्त्र धारती माँ

सारी सृष्टि की तू माँ है

सारे शब्द तुझसे माँ हैँ

अनेकों तेरे  माँ नाम हैँ

तुझसे से ही माँ ज्ञान है

रितु शर्मा

W /O राजीव शर्मा

दिल्ली -रोहिणी