शुभकामनाएं

ब्रज  के  ईश को , मेरे  जगदीश  को,

जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं।।

जीवन पथ के प्रिय,हो तुम पुष्प सुगंधित,

मलय बयार सा करते हो,जीवन आनंदित।

पूज्य तुम्हारा धैर्य,सृजन की परिभाषा हो,

गर्व हमारा प्रियवर,नयनों की आशा हो।

आह्लादित जीवन का,नवल सवेरा हो,

दीपक बन जलते,कितना भी अंधेरा हो।

पग पग पथ अवरुद्ध,निशा घिर आई है,

भोर की हो तुम किरण,लालिमा छाई है।

राहों का अन्वेषी है,अभिमान  तुम्हारा,

नेह अपरिमित हृदय,बहे ज्यों सलिला धारा।

जीवन का नवरूप,तुम्हारा अंतर्मन है,

कोह बरसता ऐसे जैसे, सावन का घन है।

तुम ब्रज के हो ईश,नंद जसुदा के प्यारे,

बलदाऊ के हठी अनुज,रुक्मिणी के तारे।

वृंदावन का हर कण,तुमको प्यार करे,

आज अवतरण दिवस,उमंग हजार भरे।


सीमा मिश्रा,वरिष्ठ कवयित्री व 

शिक्षिका,बिन्दकी-फतेहपुर