अगले 24 घंटे में राज्य के नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश की संभावना, येलो अलर्ट जारी

देहरादून : उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है। हालांकि राजधानी देहरादून समेत मैदानी इलाकों में करीब तीन दिन बाद धूप खिली, लेकिन पहाड़ी इलाकों में बादल छाए हुए हैं। वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में राज्य के नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। कुमाऊं में भारी बारिश के बाद टनकपुर में शारदा नदी उफान पर आ गई। जिसके बाद शारदा चुंगी कॉलोनी में घरों में पानी घुस गया। पुलिस-प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है। 

इन जिलों में मौसम विभाग की ओर से यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञानियों ने राज्य के अन्य जिलों में भी तेज गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावनाएं जतायी हैं। जहां तक राजधानी दून का सवाल है तो मौसम विज्ञानियों ने राजधानी दून व आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

लोनिवि की ओर से रविवार शाम को जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 288 सड़कें बंद हैं। जिसमें करीब चार नेशनल हाईवे, 22 स्टेट हाईवे, सात जिला मार्ग, पांच अन्य जिला मार्ग, 112 ग्रामीण सड़कें और 122 ग्रामीण सड़कें पीएमजीएसवाई की यातायात के लिए बाधित हैं। बदरीनाथ हाईवे पागलनाला, भनेरपाणी और गुलाबकोटी में बंद है। एनएच की जेसीबी हाईवे को खोलने में लगी हुई हैं। हाईवे के दोपहर तक खुलने की उम्मीद है। 

भारी बारिश से एक बार फिर सड़कों की शामत आ गई है। कपकोट तहसील में भारी बारिश का कहर भानी-हरसिंग्याबगड़ मोटर मार्ग पर टूटा है। खारबगड़ के पास सड़क का करीब 30 मीटर हिस्सा रेवती नदी में समा गया है। इससे यातायात ठप हो गया है। सड़क पर पैदल चलने में भी हादसे का खतरा बढ़ गया है।

सड़क के नदी में समाने से क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय कपकोट से कट गया है। पांच हजार से अधिक की आबादी इससे प्रभावित है।

हरसिंग्याबगड़ के युवा यूट्यूबर प्रदीप कोरंगा ने भानी-हरसिंग्याबगड़ मोटर मार्ग के ध्वस्त होने का वीडियो बनाकर इसकी सूचना दी। बारिश के चलते कुमाऊं में 23 सड़कें अब भी बंद हैं। इनमें पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और अल्मोड़ा जिले में पांच-पांच, जबकि बागेश्वर जिले की तीन सड़कें शामिल हैं।

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए मलबे से टनकपुर-चंपावत के बीच सड़क संपर्क कटे हुए एक सप्ताह हो गया है। दिनभर कोशिश के बावजूद सड़क से पूरा मलबा नहीं हटाया जा सका। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला का दावा है कि 25 मीटर मलबा हटाया जा चुका है, अब करीब 10 मीटर मलबा बचा है। कहा कि पहाड़ी से फिर से भूस्खलन नहीं हुआ तो सोमवार शाम तक सड़क खुल जाएगी।

हल्द्वानी-नैनीताल और ज्योलीकोट कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को  यातायात सुचारु रहा। एनएच ने वीरभट्टी में मलबा हटाने के लिए थोड़ी थोड़ी देर यातायात को रोककर काम किया। विभाग के अवर अभियंता विवेक कुमार ने बताया कि दो गांव में भूस्खलन रोकने के लिए सुरक्षा के उपाय शुरू कर दिए गए है। इसके लिए खाली ड्रम भरकर उक्त स्थल में लगाए गए हैं जिससे धंस रही सड़क में संभावित खतरा कम हो जाए।