गलघोटू से 17 मवेशियों की मौत

उरई/ जालौन। कदौरा ब्लॉक क्षेत्र के बड़ागांव में टीकाकरण न होने की वजह से 17 जानवर गलाघोंटू रोग की वजह से दम तोड़ चुके हैं। पिछले कई दिनों से गांवों में बीमारी के चलते पशुओं की मौत हो रही है। वहीं, पशुपालन विभाग ने अभी तक जानवरों को रोग से बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है। जिससे गांव के पशुपालकों में रोष व्याप्त है। बरसात के मौसम में जानवरों में होने वाली बीमारी में एक गलाघोंटू रोग है। रोग होने पर जानवर खाना-पानी छोड़ देते है। इसका एक मात्र ही इलाज टीका है। बता दें कि कदौरा ब्लॉक के ग्राम बड़ागांव में यह रोग लगातार फैलता जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि विगत तीन दिनों में लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा भैंसों की मौत गलाघोंटू रोग की वजह से हो चुकी है। साथ ही बड़ी संख्या में अन्ना मवेशियों की भी मौत हुई है, जिनके शव खुले मैदानों में पड़े है। इनसे भीषण दुर्गंध आती है। अभी भी गांव में जानवर बीमार हैं जिनको देखने वाला कोई नहीं है। शिकायत के बाद भी पशुपालन विभाग कोई सुध नहीं ले रहा है। बड़ागांव के अशोक की 2, छोटेबाबू की 2, तेजकुमार की 2, सूरज की 1, रामआसरे की 1, बबलू की 2, महेश की 1, हरिओम की 1, रजपाल की 2, विशाल की 1, पिल्लू विश्वकर्मा की 2, भैंसों की मौत गला घोंटू से हो चुकी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अधिकारी सिर्फ फोटो खिंचवा कर खानापूरी करते हैं, कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस संबंध में एसडीएम कौशल कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं था। जल्द ही पशुपालन विभाग की टीम को गांव भेजा जा रहा है।