पंजाब : दो से अधिक संक्रमित मिलने पर 14 दिन बंद रहेंगे स्कूल

चंडीगढ़ : पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों के लिए कोरोना संक्रमण को लेकर एहतियात के तौर पर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके तहत संक्रमण के दो से अधिक केस मिलने पर स्कूलों को 14 दिन के लिए बंद कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने सिविल सर्जनों को स्कूलों पर नजर रखने का निर्देश दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह स्कूल प्रशासकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों को कोविड-19 से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करें। स्कूलों को बीमार होने पर घर में रहने की नीति लागू करनी चाहिए। यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि जो छात्र या कर्मचारी कोविड-19 रोगियों के संपर्क में आए हैं, वे 14 दिन तक घर पर रहें। यदि किसी कक्षा में कोविड के एक मामले की पुष्टि होती है तो कक्षा को बंद कर 14 दिन के लिए टीचर और विद्यार्थियों को एकांतवास में भेज दिया जाएगा। अगर स्कूल में कोविड-19 के दो या अधिक मामले पाए जाते हैं तो स्कूल को 14 दिनों तक बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी शहर या कस्बे या ब्लॉक के एक तिहाई स्कूल बंद कर दिए गए तो उस इलाके के सभी स्कूल बंद कर दिए जाएंगे। 

विभाग ने स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वह हर दिन की कोरोना संक्रमण संबंधित जानकारी को ई-पंजाब पोर्टल पर अपलोड करेंगे। सरकारी स्कूलों के साथ ही राज्य के अन्य स्कूलों को भी इन निर्देशों का पालन करना होगा। दूसरी लहर के बाद राज्य में अब कोराना वायरस की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। 

पिछले दो दिन के आंकड़ों को देखें तो संक्रमण के नए मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है। राज्य में दो अगस्त को स्कूल पूरी तरह खोल दिए गए हैं। हालांकि सरकार ने स्कूलों को केंद्र की ओर से जारी गाइडलाइन को अपनाने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी स्कूल आ रहे विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

 इन सबके बीच कोरोना के संबंध में शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों, अध्यापकों और अन्य अमले की रोजाना सारी सूचना ऑनलाइन भेजने के लिए सरकारी, मान्यता प्राप्त, प्राइवेट एडेड और प्राइवेट स्कूलों के प्रमुखों को निर्देश दिया है।

शिक्षा विभाग के प्रवक्ता के अनुसार कोविड-19 के टेस्ट, वैक्सीनेशन, कोविड पॉजिटिव स्टाफ और विद्यार्थियों की पूरी सूचना ई-पंजाब पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा गया है। इसका उद्देश्य रोजाना के आधार पर कोरोना महामारी पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर समय पर जरूरी कदम उठाना है।