विबग्योर ने सीबीएसई ग्रेड 10 में हासिल किये शत-प्रतिशत परिणाम

शाश्वत सिंह, हर्षिता शाही एवं अनामिका झुनझुनवाला रहे टॉपर्स

लखनऊ। विबग्योर हाई लखनऊ ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के लिए ग्रेड 10 की परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परिणाम प्रस्तुत किए हैं। शाश्वत सिंह, हर्षिता शाही एवं अनामिका झुनझुनवाला क्रमशः 96.4 प्रतिषत, 95.6 प्रतिशत एवं 94.8 प्रतिशत अंकों के साथ टॉपर्स रहे। केंद्र सरकार ने इस साल कोविड-19 की दूसरी लहर को देखते हुए सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं को निरस्त करने की घोषणा की थी। ग्रेड 10 के परिणामों की गणना पूरे साल किए गए आंतरिक मूल्यांकनों एवं प्रि-बोर्ड परीक्षाओं के अंकों के औसत के आधार पर की गई। इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कविता सहाय केरावाला, वाईस चेयरमैन, विबग्योर ग्रुप ऑफ स्कूल्स ने कहा, ‘‘बोर्ड परीक्षाएं हमारी शिक्षा व्यवस्था में बहुत महत्वपूर्ण मानक हैं। परीक्षाओं के परिणाम विद्यार्थियों के प्रदर्शन, प्रतिस्पर्धात्मकता एवं विश्वसनीयता को प्रतिबिंबित करते हैं, जो उनके व्यवसायिक जीवन में भविष्य का मार्गदर्शन करते हैं। इस साल बोर्ड परीक्षाओं को निरस्त करना पड़ा, लेकिन अससे भविष्य में विद्यार्थियों के आंकलन के श्रेष्ठ तरीकों की संभावनाएं उत्पन्न हुईं। मैं अपने विद्यार्थियों को सफलता एवं महामारी द्वारा उत्पन्न चुनौतियों को पार करने की बधाई देती हूँ। हमारे टीचर्स सराहनीय हैं, जिन्होंने विद्यार्थियों की सफलता के लिए उनका अथक मार्गदर्शन किया। भविष्य में मूल्यांकन के कोई भी तरीकों को विकास क्यों न हो, विबग्योर में हम अपनी कक्षाओं में निर्देश एवं पढ़ाई की व्यवस्था को मजबूत करते रहेंगे और भारत में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाएंगे।’’ टॉपर शाश्वत सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल द्वारा चलाए गए वर्चुअल क्लासरूम्स को दिया। उन्होंने कहा, ‘‘यद्यपि स्कूल जाने की बजाय ऑनलाईन पढ़ाई करने का परिवर्तन पहले को चकित करने वाला था, लेकिन स्कूल ने कोर्स सामग्री एवं इंटरफेस के बारे में सभी प्रश्नों में मेरी मदद करके इसे आसान बना दिया। हमारे वर्चुअल क्लासरूम बिल्कुल वास्तविक क्लासरूम्स की तरह थे। बेहतरीन टीचर्स एवं इंटरैक्टिव सत्रों ने मुझे कोर्स में मुश्किल हिस्सों को कवर करने में मदद की और इसीलिए मैं सभी टेस्ट में सफल हो पाया।’’ विबग्योर के विद्यार्थियों की बेहतरीन परफॉर्मेंस समग्र विकास पर विद्यालय के जोर का परिणाम है। विबग्योर का मानना है कि नए युग के कौषल, जैसे रचनात्मकता, तनाव प्रबंधन, अनुकूलन एवं प्रॉब्लम-सॉल्विंग का विकास भी उतना ही जरूरी है, जितना जरूरी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्षन करना है। इसलिए, हम समग्र व्यक्तित्व एवं विद्यार्थियों में सकारात्मक दृष्टिकोण के विकास पर केंद्रित रहते हैं।