ENG vs PAK: पाक की एक और हार पर भड़के कामरान अकमल

इंग्लैंड दौरे पर गई पाकिस्तान की टीम का खराब प्रदर्शन जारी है। पहले वनडे की हार के बाद टीम को दूसरे वनडे में भी इंग्लैंड की कम अनुभव वाली टीम के खिलाफ 52 रनों से हार का सामना करना पड़ा। पहले दोनों मैचों में पाकिस्तान की टीम 200 रनों का स्कोर भी नहीं बना पाई। इस जीत के बाद इंंग्लैंड की टीम ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। पाकिस्तान की लगातार हार पर विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल ने टीम की कड़ी आलोचना की है। अकमल ने कहा है कि इंग्लैंड की टीम इसलिए अच्छा प्रदर्शन कर रही है क्योंकि वे पाकिस्तान की तरह शॉर्टकट पर निर्भर नहीं है। उन्होंने इंग्लैंड टीम की तारीफ करते हुए कहा कि इंग्लिश टीम इतनी मजबूत है कि वे एक समय पर दो इंटरनेशनल टीम उतार सकती है। विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा कि अंतिम वनडे में पाकिस्तान को और अधिक प्रयास करना चाहिए ताकि वो बढ़े हुए मनोबल के साथ टी20 सीरीज में उतर सके। 

अपने यूट्यूब चैनल पर अकमल ने कहा, ' वे मानसिक रूप से काफी मजबूत है क्योंकि वे शानदार क्रिकेट खेल रहे हैं। वे शॉर्टकट पर निर्भर नहीं हैं। उन्होंने एक या दो मैचों के आधार पर ​टीम का चयन नहीं किया है। इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने जो सूझबूझ दिखाई है, उससे इंग्लैंड की टीम को फायदा हुआ है और एक ही समय पर उनकी दो टीमें खेल सकती है। उनके पास टैलेंड प्लेयर्स हैं। यह पाकिस्तान की बुरी किस्मत है। अंतिम मैच में उन्हें और अधिक प्रयास करना चाहिए। उन्हें तीसरा वनडे जीतना चाहिए ताकि वे बढ़े हुए मनोबल के साथ टी20 सीरीज में उतर सकें। पाकिस्तान क्रिकेट में इन दिनों क्या हो रहा है, वह हर कोई देख रहा है।'

मेजबान इंग्लैंड ने वर्षा से बाधित दूसरे वनडे में 247 रन का स्कोर बनाया और फिर उसने पाकिस्तान की टीम को 41 ओवर में 195 रन पर समेट दिया। अकमल ने कहा कि पाकिस्तान की पूरी टीम के पास 400 मैचों का अनुभव था, जबकि इंग्लैंड की पूरी टीम के पास केवल 108 मैचों का ही अनुभव था और इसके बावजूद इंग्लैंड की टीम पाकिस्तान की टीम से कहीं बेहतर साबित हुई। 

विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, ' इंग्लैंड की टीम ने वास्तव में काफी शानदार प्रदर्शन किया। बेन स्टोक्स की कप्तानी में उन्होंने जिस तरह की फील्डिंग की, वह कमाल की थी। पाकिस्तान को देखकर लग नहीं रहा था कि वे हार जाएंगे, लेकिन उन्होंने उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया। हमारे खिलाड़ियों के पास 400 से अधिक मैचों का अनुभव था और उनकी पूरी टीम के पास केवल 108 ही मैचों का अनुभव था। आप कागजों पर इस अंतर को समझ सकते हैं।'