तस्वीरें

तस्वीरों की  दुनिया भी  बड़ी खास होती है

खट्टे-मीठे  लम्हों की  इनमें मिठास होती है

वक़्त के पहिये पे सवार जुदा हो जाते सब

महज़  कागज़ी परछाई  ही पास  होती है।

कितने दूर निकल जाते हैं न कुछ पाते पाते

सदियां गुज़र जाती हैं सपने सजाते सजाते

ये तस्वीरें ही तो हैं जो रह जाती हैं तब संग

चलचित्र सा स्मरण दिलाती  हैं आते जाते।

हाँ समय के  साथ  ये  धुँधली  पड़ जाती हैं

पर किस्से  जीवन के  ख़ुद  में गढ़ जाती हैं

गढ़ जाती हैं  पल जो अनमोल है जीवन में

संस्मरण की  सीढ़ी बन आगे बढ़ जाती हैं।

भागदौड़ जिंदगी की जब थकान ले आती है

घर से दूर  रह जीने  का  मुकाम ले आती है

तन्हाई में बैठ तब सुकून से निहार लेना इन्हें

ये तस्वीरें पुनः चेहरे पर मुस्कान ले आती हैं।


अनामिका चौकसे(अनु)

जिला - नरसिंहपुर मप्र।