आने वाला है सावन

आने वाला है सावन

याद आने लगा मन भावन

हरियाली होने लगी है चारों ओर

दिखने लगा है नींद का चोर

आने वाला है सावन

याद आने लगा मन भावन।


आज मन उदास है मेरा

होने लगा है अब दीदार तेरा 

मन की टीस बढती जा रही है

बीती यादें ओर पास आ रही हैं

आने वाला है सावन 

याद आने लगा मन भावन।


खुद में खोई ख़ोई सी हूँ मैं

जगकर भी सोई सी हूँ मैं

मन कहता है जीवन गुजार दूँ

उनकी यादों में........

पर बंदिशें कहती हैं

नहीं रहना तुझे इन यादों में...

आने वाला है सावन

याद आने लगा मन भावन।


क्या तेरी चाहत यूँ ही रहेगी हमेशा

देखते हैं किस्मत का तमाशा

हाँ...हो गई मैं पागल

गुजरी यादों में तेरी

हो गई थी जैसे पागल

कृष्ण के पीछे हीरनी

आने वाला है सावन 

याद आने लगा मन भावन।


परिचय-नीतू कुमारी

छात्रा व लेखिका

मु.पो.कसेरू,मुकुन्दगढ झुन्झुनू राजस्थान