बेरोजगारी और उसके परिणाम

बेरोजगारी को समस्या कहना अपने आप को छलने से ज्यादा कुछ नही है, वास्तव में वेरोजगगरी समस्या नही शाप है जिसके जिम्मेदार सरकार तो है हीं लेकिन हम भी उतने ही जिम्मेदार है। जहाँ हमारी आशा सरकार के दिये कुछ मीठे जहर पर जाकर टिक जाती है वहीं हमे वो जहर पंगु, निःसहाय और निर्वाल बनाती है। हम अपने अंदर के बल को भूलकर केवल सहायता की आश लिए टकटकी लगाकर देखते हैं और ये शासन तंत्र हमे लगातार छलती जाती है। 

आने वाले भविष्य में अगर हम नही जागे तो ये समस्या बिकराल रूप लेकर हम सबको निगलने मे समर्थ होगा और हम निरीह और बेबस होकर इसके शिकार हो जाएंगे।

इसलिए जरूरत समाज, परिवार, और राष्ट्र में एक अलख जगाने की ताकि वेरोजगगरी रूपी दानव का दमन करने में सक्षम हों।

इसके लिए जरूरी अस्त्र सस्त्र ,जैसे शिक्षा,जागरूकता,सदभाव , बहुत जरूरी लेकिन लूट बईमानी और हड़पनेवाली नीति का  बहिष्कार अवश्य हो।   

जाय हिन्द जय भारत


श्री कमलेश झा 

शिवदुर्गा विहार 

फरीदाबाद