ब्राह्मण लड़की से शादी करने वाले दलित पंचायत अधिकारी की हत्या

सत्रह लोग नामजद, चार गिरफ्तार

लखनऊ। ब्राह्मण लड़की से प्रेम विवाह करने वाले दलित युवक अनीश कुमार चौधरी की 24 जुलाई को हत्या कर दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि इसके पीछे अनीश के ससुराल वालों का हाथ है। उनका कहना है कि अनीश की पत्नी दीप्ति मिश्र के परिजन इस शादी से खुश नहीं थे।  हत्या के मामले में 17 लोग अभियुक्त बनाए गए हैं, जिनमें से चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अनीश और दीप्ति ने एक साथ पंडित दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की थी । दोनों के विषय अलग अलग थे, अनीश प्राचीन इतिहास और दीप्ति ने समाजशास्त्र से एमए किया था। कैंपस में हुई मुलाकातों के बीच अनीश और दीप्ति का चयन ग्राम पंचायत अधिकारी पद पर हो गया। दीप्ति बताती हैं कि नौकरी लगने के बाद उनकी अनीश से पहली मुलाकात नौ फरवरी 2017 को गोरखपुर स्थित विकास भवन में हुई थी। एक ही पद पर चयनित होने के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस से शुरू हुआ मुलाकातों का सिलसिला बढ़ने लगा। साथ में प्रशिक्षण के दौरान दोनों और कघ्रीब आ गए। दीप्ति बताती हैं, इस रिश्ते की भनक लगते ही मेरे परिवार वाले उन्हें प्रताड़ित करने लगे। इसके बाद हमने शादी का फैसला किया। शादी का फैसला इसलिए लिया क्योंकि मुझे लगा कि एक बार शादी हो जाने के बाद मेरे परिजन मेरी कहीं और शादी नहीं करवा पाएंगे।माता-पिता नहीं माने अनीश और दीप्ति ने अपनी शादी को कोर्ट में रजिस्टर्ड कराया।शादी के कागजात के मुताबिक दोनों ने 12 मई 2019 को गोरखपुर में शादी कर ली थी। उनकी शादी को अदालत ने 9 दिसंबर 2019 को मान्यता दे दी थी।दीप्ति बताती हैं, हम दोनों बालिग थे और नौकरी-पेशा थे, इसलिए लगता था कि इस शादी का घरवाले विरोध नहीं करेंगे और अगर करेंगे भी तो हम उन्हें मना लेंगे। मैंने अपने परिवार वालों को काफी समझाने-बुझाने की भी कोशिश की लेकिन वो नहीं माने। दीप्ति गोरखपुर जिले के गगहां थानाक्षेत्र के देवकली धर्मसेन गांव निवासी नलिन कुमार मिश्र की बेटी हैं। दीप्ति चार भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। उनकी दो बहनों और एक भाई की भी शादी हो चुकी है। उनका भाई उत्तर प्रदेश पुलिस में है। इस समय उनकी तैनाती श्रावस्ती जिले में है। दीप्ति के पिता नलिन ने काफी सालों तक दुबई में काम किया। वो अगस्त 2016 से अपने गांव के पास स्थित मझगांवां में रेडीमेड कपड़ों की दुकान चला रहे हैं। उनके पिता ने अनीश के खिलाफ मुकदमा कर दिया था। इसमें उनपर बलात्कार जैसे कई आरोप लगाए गए थे।दीप्ति ने बताया कि इस मामले में उन्होंने परिजनों के दबाव में अनीश के खिलाफ बयान दिया क्योंकि वो अनीश की हत्या कर देने की धमकी देते थे।वो बताती हैं, पिता, चाचा और चचेरे भाई हर जगह निगरानी करते थे। जब ऑफिस जाती तो भी लोग साथ जाते थे।कई बार चाचा, पिता की लाइसेंसी राइफल लेकर उनके साथ जाते थे। दीप्ति बताती हैं कि जब अनीश के जेल जाने की नौबत आ गई तो वो 20 फरवरी में उनके साथ रहने चलीं गईं। इसके बाद उनके पिता ने गगहां पुलिस थाने में अनीश पर दीप्ति के अपहरण का केस दर्ज कराया। इसपर दीप्ति ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बताया कि उनका अपहरण नहीं हुआ है और वो अपनी मर्जी से अनीश के साथ रह रही हैं और दोनों ने शादी कर ली है।अनीश के परिवार ने बीती 28 मई को गोरखपुर के महादेव झारखंडी मंदिर में दोनों की शादी करा दी। उसी दिन गोरखपुर के अवंतिका होटल में रिसेप्शन भी हुआ। दोनों कार्यक्रमों में केवल अनीश के परिवार के सदस्य और उनके रिश्तेदार ही शामिल हुए थे।अनीश का परिवार गोरखपुर के गोला थानाक्षेत्र के उनौली दुबौली गांव में रहता है यह दलितों और पिछड़ों की अधिक आबादी वाला गांव है। इन्हीं की बदौलत अनीश के बड़े भाई अनिल चौधरी 10 साल तक इस गांव के ग्राम प्रधान रहे। अनीश का परिवार संपन्न हैं। 24 जुलाई को गड़ासी से काटकर अनीश की हत्या कर दी।अनिल ने सरकार से अपने परिवार और दीप्ति को सुरक्षा देने, मामले के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने, आर्थिक मदद देने और परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की मांग की है। उनके घर पर भारी पुलिस बल तो तैनात कर दिया गया है।घटना वाले दिन अनीश अपने चाचा और उरुवा ब्लॉक में ही तैनात ग्राम विकास अधिकारी देवी दयाल के साथ किसी काम के लिए निकले थे। दोनों लोग गोपालपुर बाजार में स्थित हार्डवेयर की दुकान पंकज ट्रेडर्स में कुछ काम से गए थे। वहां से निकलने के बाद ही यह वारदात हो गई। इसमें देवी दयाल भी घायल हो गए।उनका गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है. उनके सीने में धारदार हथियार के हमले से घाव हुआ है।देवी दयाल ने बताया, दुकान से निकलकर अनीश फोन पर बात करते हुए आगे बढ़ रहा था। इस दौरान अपना चेहरा ढंके चार लोगों ने धारदार हथियारों से उस पर हमला कर दिया।जब वो बचाने के लिए दौड़े तो उन पर भी हमला किया गया। इससे वो बेहोश हो गए।कुछ सेकेंड बाद होश में आने पर वो खड़े हुए. यह देख हमलावरों ने एक बार फिर उन पर हमला किया। तब तक कुछ लोग भी वहां जमा हो गए. यह देखकर हमलावर भाग गए। वो अपना एक हथियार भी छोड़ गए। इस मामले में गोला थाना पुलिस ने अनिल चौधरी की शिकायत पर 17 नामजद और 4 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एफआईआर में आईपीसी की धारा-302, 307, 506 और 120-बी के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2) भी लगाई गई है। एफआईआर में दीप्ति के पिता नलिन मिश्र और भाई अभिनव मिश्र के अलावा मणिकांत, विनय मिश्र, उपेंद्र, अजय मिश्र, अनुपम मिश्र, प्रियंकर, अतुल्य, प्रियांशु, राजेश, राकेश, त्रियोगी नारायण, संजीव और चार अज्ञात लोगों के नाम शामिल हैं। इस मामले की जांच गोला के पुलिस क्षेत्राधिकारी  अंजनी कुमार पांडेय कर रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में मणिकांत मिश्र, विवेक तिवारी, अभिषेक तिवारी और सन्नी सिंह को गिरफ्तार किया है। पति की हत्या के बाद से दीप्ति अनीश की एक तस्वीर साथ लिए रहती हैं और उसे एकटक देखती रहती हैं। वो कहती हैं कि अनीश अपने जिस परिवार को छोड़ गए हैं, अब वह उनकी जिम्मेदारी है और वो उसकी देखभाल करेंगी. दीप्ति इस समय गर्भवती हैं।