जानिए, जीभ का बदलता रंग किस बीमारी का है संकेत?

जीभ हमारे शरीर का एक अभिन्न अंग है यह हमारे भोजन को चबाना और निगलना आसान बनाता है। यह स्वाद अनुभव करने का प्रमुख अंग होता है, क्योंकि जीभ स्वाद अनुभव करने का प्राथमिक अंग है, जीभ की ऊपरी सतह पेपिला और स्वाद कलिकाओं से ढंकी होती है। जीभ का दूसरा कार्य है स्वर नियंत्रित करना। वहीं अगर हम सेहत से जोड़ कर देखें तो जीभ हमारे शरीर में होने वाले कई तरह की बीमारियों का संकेत देता है। एक्सपर्ट के मुताबिक जीभ का रंग बीमारियों की गंभीरता को प्रकट करता है। यदि जीभ सामान्य रंग से अलग हो जाए, तो हमें इस पर ध्यान देना चाहिए और फौरन डॉक्टर से जरूर चेकअप कराना चाहिए। आईए जानते हैं जीभ कैसे हमारे शरीर में बीमारियों का सकेंत देती है-

सफेद रंग की जीभ

जीभ का सफेद एक बड़ी बीमारी का संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पानी की कमी या मुंह सूखना जीभ सफेद होने का सबसे मुख्य कारण माना जाता हैं। जानकारों के मुताबिक सफेद जीभ ल्यूकोप्लेकिया, ओरल लिचेन प्लेनस और सिफिलिस जैसे बीमारियों के लक्षण को दर्शाता है। अगर आपकी भी जीभ सफेद है तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

लाल रंग की जीभ

अकसर फ्लू, बुखार या संक्रमण होने पर हमारे जीभ लाल हो जाती हैं। डॉक्टर के मुताबिक लाल जीभ विटामिन बी और आयरन की कमी के लक्षण है। यदि आप जीभ कभी भी लाल हो जाए, तो एक्सपर्ट से जरूर सलाह ले, और अपनी डाइट का बी ध्यान रखें।

काले रंग की जीभ

काली जीभ एक बड़ी बीमारी का संकेत देती है। एक्सपर्ट के मुताबिक, जीभ का काला होना कैंसर, फंगस और अल्सर जैसे बीमारी होने का संकेत देता हैं। इसके अलावा गले में बैक्टीरिया या फंगस होने की की वजह से अक्सर जीभ का रंग काला हो जाता है। काले रंग का जीभ गर्म खाना या सिगरेट, तंबाकू पीने की वजह से भी होता हैं। 

पीले रंग की जीभ

जीभ पर पीली परत खान-पान, धूम्रपान की वजह से जम जाती है, इसके अलावा ओवरईटिंग से भी जीभ पर पीली गाढ़ी परत जम जाती है। वहीं  डाइडेशन, लिवर या मुंह में बैक्टीरिया ज्यादा होने की वजह से जीभ पर पीली परत जम जाती है। इसके कारण मुंह से बदबू आना, थकावट, बुखार हो सकता है।

posted by - दीपिका पाठक