क्या सच है

नियत को नियंत्रित करने वाले जनसंख्या पर आ गए।


काला लाने वाले सत्ता पाते ही  खुद काला धन हो गए।


साहेब कब तक कीचड़ फेंकोगे -हे राम


अनिल त्रिपाठी