---- तीखा तीर -----

पढें  कसीदे  तारीफ  में 

मझा  बीच  बाजार 


समझो  डाल  काली  हुई 

ठोको ताली  की बौछार 


पंजा  से  कमज़ोर  हैं 

झाडू  को  तैयार 


----  वीरेन्द्र  तोमर