रेतों में दबे हिन्दुस्तानियों...!!

-लेटेस्ट खबर ये भी कि आप सरकार के खिलाफ बोलेंगे तो इनकम टैक्स,ईडी व सीबीआई के बुलडोजर चलेंगें। दैनिक भास्कर ग्रुप पर पड़ा छापा...

रेत में दबे हिन्दुस्तानियों, पांचमन लकड़ी में दो-दो, तीन-तीन शरीरों के साथ फूंके गये लोगों, टोकेन लेकर जलाए गये राष्ट्रवादियों, एंबुलेंस में, सड़क पर, आटो में, रिक्शे पर, गोद में, कंधे पर...मर गये धर्मरक्षकों, साइकिल के पाइडिल पर, बल्लियों में बांधकर, कारों की छतों पर कफ़न के साथ लिपटी मृतात्माओं....बधाई हो कि तुम सबके सब खुजली करके मर गये। खुजलाते-खुजलाते इत्ता मजा आया कि निकल ही लिए...अमां! खामखां सरकार को बदनाम कर रिया है कि आक्सीजन नहीं मिली इसलिए निकल्ल लिए थे...अबे मुर्दों सरकार तो तुम्हारी जलते हुए फोटू भी नहीं दिखाना चाहती थी इसलिए शमशानों पर टीन लगा दी गई थी नामाकूलों......! अबे मुर्दों! सपने में आकर अपने परिवार वालों को बोलो कि राष्ट्रहित में 100 रूपए के स्टांप पेपर पर लिखकर दें कि हम लोग खुजली से मरे हैं आक्सीजन से नहीं। आक्सीजन तो गाय से खींच सकते थे‌ लेकिन नहीं खींची क्योंकि गाय ही इकलौता जानवर है जो आक्सीजन देता है...यानी आक्सीजन की किल्लत थी ही नहीं.... हाईवे पर, मोहल्लों में, गुजरगाहों में मस्त घूमती, पालिथिन खातीं गायों यानी जिंदा आक्सीजन सिलेंडर तो चारों ओर ही हैं फिर आक्सीजन से कैसे मर सकते‌ थे?

अमेरिका ससुरा झूठ बोल‌ रहा है कि भारत में दिए गये आंकड़ों से दस गुना ज्यादा मौतें हुई हैं।‌ झुट्ठा अमेरिका!!!

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लेटेस्ट खबर ये भी कि आप सरकार के खिलाफ बोलेंगे तो इनकम टैक्स,ईडी व सीबीआई के बुलडोजर चलेंगें। दैनिक भास्कर ग्रुप पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने छापा मार दिया है आज सुबह पांच बजे। भोपाल, इंदौर और जयपुर के अखबार के आफिसों में।‌ मैं बार-बार, खुल कर कह रहा हूं कि आप अपने ही नहीं अपनी पीढ़ियों को भी एक ऐसे अंधेरे दलदल में धकेल चुके हैं जहां एक दिन आपकी सिसकियां सुनने वाला भी कोई नहीं होगा। इसका एक ताजा नमूना कोविड की दूसरी लहर दिखा चुकी है। नदियों में तैरते हुए, रेत में दबे हुए, कुत्तों और गिद्धों से अपनों की लाशें नुचवाते हुए, टायर जलाकर लाशों को फूंकते हुए..…अभी भी अगर आंखें जाहिलत ने बंद कर रखी हैं तो अगला नंबर आपका है.....तैयार रहिए....आपके घर से भी सीना पीटने और चूड़ियों के टूटने की आवाजें आ सकती हैं...इन आवाजों का शिकार केवल सवाल उठाने वाले ही बने ऐसा कोई जरूरी तो नहीं। न भरोसा हो तो बनारस के राजन मिश्रा और छन्नू लाल मिश्रा, कानपुर व अलीगढ़ के कट्टर हिन्दुत्व का झंडा उठाए लोगों से पूछ लें। ....जिनको भारतीय संस्कृति और सनातन का मुलम्मा चढ़ा कर अंधा किया गया है उन्हें यह नहीं बताया गया कि राजसत्ता के कर्तव्य क्या हैं? प्रजा के अधिकार क्या हैं? प्रजा का दुख और उसकी अभिव्यक्ति को कैसे लिया जाए?... "कोई गल्ल नहीं जी तुस्सी लात खांण वास्ते ही एथ्थे हो लात खांद्दे रहो....की फरक पैंदा है।".... बेगैरतों को इज्जत रास नहीं आया करती है। निर्लज्जता को चार जूते रोज के ही बातें हैं। ....

दैनिक भास्कर समूह के विभिन्न ठिकानों पर इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग की छापामार कार्रवाई शुरू हो चुकी है। प्रेस कॉन्प्लेक्स सहित आधा दर्जन स्थानों पर मौजूद है इनकम टैक्स की टीम। ई डी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के साथ लोकल पुलिस का सपोर्ट भी है।‌भोपाल और इंदौर और जयपुर सहित देश के सभी ठिकानों पर छापे मार कार्रवाई जारी है। पूरा सर्च ऑपरेशन दिल्ली और मुंबई टीम के द्वारा संचालित किया जा रहा है लेकिन सरकारी भोंपू अर्णव की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरनाक चैट आज तक इविडेंस नहीं बनी..? जी समूह का सुभाष चन्द्रा 1350 करोड़ रूपए लेकर कहां है कोई छापा नहीं?...रूचि वनस्पति कांणा़ सलवार बाबा और चैनल पर फर्जी अदालत चलाने वाले पत्रकार के गठजोड़िहा चैनल पर छापा नहीं पड़ता....खैर! लोकतंत्र injoy करें.... भास्कर की डिजिटल टीम को work-from-home करने के लिए कहा गया। सरकार के खिलाफ खबरें छापने के जुर्म का बदला लेने सुबह 5 बजे के करीब पहुंची थी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम।

तालियां! तालियां!! तालियां!!!

लोकतंत्र की अर्थी पर गोल वाला बुकें....

(पवन सिंह)