पार्वती की पुकार

तूने क्या किया ओ भोले,

पार्वती का मनवा डोले।

बारात लेकर द्वारे मेरे आओ न,

बना दुल्हन संग अपने ले जाओ न...


तेरी ग्रीवा का रंग है नीला,

उसपर विषधर सोहे सजीला।

मुझको भी तो प्रेम विष पिलाओ न,

बना दुल्हन संग अपने ले जाओ न...


जटा में तेरी जकड़ी गंगा,

तू तो भांग धतूरे में है रंगा।

मुझपे भी तो ध्यान कभी लगाओ न,

बना दुल्हन संग अपने ले जाओ न...


दो नयना हैं प्यारे प्यारे ,

तीजा नेत्र विध्वंस कर डाले।

मन की आँखों में मुझको बसाओ न,

बना दुल्हन संग अपने ले जाओ न...


शिव शक्ति से मुझे क्या लेना?

तेरी जोगन बन मुझको है रहना।

नंदी की सवारी करके आओ न,

बना दुल्हन संग अपने ले जाओ न...


तेरी डमरू का धुन है निराला,

कर भस्म का श्रृंगार तू आजा।

भूत प्रेतों की बारात लेकर आओ न,

बना दुल्हन संग अपने ले जाओ न...


शिव ,इक बात जान के रहना,

बिन मेरे,अधूरा तुझको रहना।

अर्धनारीश्वर जल्दी ये समझ जाओ न,

बना दुल्हन संग अपने ले जाओ न...


रीमा सिन्हा (लखनऊ)