"तलाश जारी है"

गुमसुम सा,,,

रेगिस्तान पर मृगमरीचिका लिए 

भटक रहा आदमी,,

नाभि में कस्तूरी लेकर हैरान परेशान,,

अहर्निश शांति की खोज में

ह्रदय में स्वार्थ और ईर्ष्या लेकर,,


कहीं मंजिल की तलाश 

तो कहीं अर्थ की खोज में अर्थहीन जीवन,,,,

मंजिल पर खड़े होकर भी और अधिक 

पाने की उहापोह,,

होंठों पर गहन प्यास,सरित के मृदुल 

जल में भी,,,


आरोप-प्रत्यारोप के पाषाण फेंककर 

खुद को बरी करने की कोशिश,,,

हाथों में दियासलाई लेकर 

आग बुझाने की कोशिश,,,,

तलाश जारी है खुद को ढूंढने की!!


रश्मि मिश्रा 'रश्मि'

भोपाल (मध्यप्रदेश)