मानसून डाइट प्लानः बरसाती मौसम में कैसा हो आपका खानपान

मानसून के नमी वाले मौसम में बैक्टीरिया अधिक पनपते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बरसाती मौसम के दौरान खानपान का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। गलत खानपान इम्यूनिटी को कमजोर कर देता है, जिससे आप जल्दी सर्दी-खांसी, जुकाम, गले में खराश व खांसी और इंफेक्शन जैसी बीमारियों के घेरे में आ जेते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि मानसून के दौरान आपका डाइट प्लान कैसा होना चाहिए।

न्यूट्रिशन से भरपूर हो डाइट

ध्यान रखें कि आप मानसून के दौरान जो भी खाएं उसमें विटामिन्स, प्रोटीन, बीटा कैरोटीन, मैग्नीशियम, जिंक, आयरन, प्रीबायोटिक, सेलेनियम,  फॉलिक एसिड जैसे सभी न्यूट्रिशन मौजूद हो। साथ ही भरपूर पानी पीएं लेकिन अच्छी तरह उबालकर।

कैसा होना चाहिए मानसून में खान-पान?

मिड मॉर्निंग,ब्रेकफास्ट

सबह उठने के बाद सबसे पहले 1 कप ग्रीन टी, नींबू या दूध वाली चाय पीएं। साथ में 1-2 बिस्कुट या रस खाएं।

स्किप ना करें ब्रेकफास्ट

इसके बाद ब्रेकफास्ट में दही के 2 मिस्सी,साधारण रोटी, भरवां पराठा, पोहा, उपमा, इडली, सूखे टोस्ट लें सकते हैं। आप 1 कटोरी दलिया, ओट्स भी खा सकते हैं।

11 बजे मिड मॉर्निंग

लंच से पहले ताजा मौसमी फलों का चाय या जूस लें। आप चाहे तो स्मूदी या शेक बनाकर भी पी सकते हैं। तरबूज, मौसमी, खरबूज जैसे मोसमी फल खाएं।

लंच

उबले चावल, 2 रोटी, सब्जी, दही लें। ध्यान रखें कि लंच में 200 ग्राम हाई प्रोटीनयुक्त आहार जैसे, न्यूट्री नगेट, सोयाबीन, राजमा, काले चने, टोफू चीज या पनीर आदि शामिल हो। इसके अलावा सलाद जरूर खाएं। तले-भुने खाने की बजाए लंच में दाल व सब्जी लें।

शाम की चायध्डिनर से पहले

शाम को चाय, गर्म दूध या कोई भी पसंदीदा मिल्कशेक पीएं। इसके अलावा डिनर से पहले 200 मिली. घर का बना सब्जियों का गर्मा-गर्म सूप बनाकर पीएं।

डिनर

डिनर में 2 रोटियां, 200 ग्राम पीली मूंगदाल, हल्की सब्जी 175 ग्राम शामिल होने चाहिए। इसके अलावा सोने से पहले 1 गिलास हल्दी वाला गर्म दूध जरूर पीएं।

इन बातों का भी रखें ध्यान

. ध्यान रखें कि कोई भी मील लेने के बाद बैठें नहीं बल्कि हल्की-फुल्की सैर करें। खासकर दिन के 2 सबसे बड़े मील्स यानि लंच व डिनर करने के बाद कम से कम 200 कदम चलें, ताकि खाना डाइजेस्ट हो जाए।

. सुबह का नाश्ता कम से कम 9 बजे से पहले कर लें। ब्रेकफास्ट दिन का सबसे जरूर मील होता है क्योंकि यह मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है इसलिए इसे कभी स्किप ना करें।

. रात का डिन 7 बजे से पहले कर लें क्योंकि इससे पचने में समय लगता है। डिनर करने के बाद सीधा सोने ना जाएं। इससे आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है।

इन चीजों से रखें परहेज

सड़क किनारे मिलने वाले चाय, पकौड़ा, चाट, समोसे , चाइनीज फूड, पत्घ्तेदार सब्जियां, जूस आदि से परहेज करें। मानसून के दौरान खुले में बिकने वाले फूड्स से संक्रमित होने का खतरा अधिक रहता है।

posted by - दीपिका पाठक