योग से बनाएं फेफड़ों को मजबूत, कोरोना समेत ये बीमारियां रहेंगी कोसों दूर

कोरोना का कहर पिछले साल से दुनियाभर में अपने पैर पसार चुका है। यह व्यक्ति के फेफड़ों पर अटैक करके सांस से जुड़ी समस्याएं पैदा करता है। दूसरी ओर दुनियाभर में बढ़ते प्रदूषण का प्रकोप भी सीधा फेफड़ों पर अपना बुरा असर डालता है। ऐसे में फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए हैल्दी डाइट के साथ योगा का सहारा लिया जा सकता है। योगा से फेफड़ों की कार्यक्षमता तेज होती है। शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने के साथ और भी कई लाभ मिलते हैं।

फेफड़ों को ऐसे मजबूत बनाते हैं योगासन

कुछ खास योगा करने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ाई जा सकती है। ब्रीदिंग योगाभ्यास से फेफड़ों व वायुमार्ग से बलगम को बाहर निकालने में मदद मिल सकती है। एक्सपर्ट्स द्वारा फेफड़ों को हैल्दी बनाएं रखने के लिए गर्म पानी में शहद, अदरक व हल्दी मिलाकर पीने की सलाह भी दी जाती है। इसके अलावा सांस संबंधी समस्या पुरानी होने पर स्टीम थेरेपी भी फायदेमंद मानी जाती है। 

चलिए आज हम आपको फेफड़ों को मजबूत रखने के लिए कुछ योगासन करने का तरीका व अन्य फायदों के बारे में बताते हैं...

- हस्त उत्तानासन

इसे करने के लिए सीधे खडे हो जाएं। फिर अपनी बाहों को सिर के ऊपर उठाते हुए हथेलिथों को एकसाथ मिलाएं। फिर धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकें। अपने घुटनों को सीधा व आंखें खुली रखें। कुछ देर इसी अवस्था में रहने के बाद सामान्य मुद्रा में आ जाएं। इस आसन को 3-4 बार दोहराएं। 

फायदा 

इस आसन को करने से फेफड़ों को मजबूती व छाती का विकास होता है। इससे वजन कंट्रोल होकर शरीर को सही शेप मिलती है। मांसपेशियों व हड्डियों में मजबूती आती है। दिल स्वस्थ रहने से पूरे शरीर में सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचता है।

- धनुरासन

इसके करने के लिए जमीन पर पेट के बल लेट जाएं। फिर हाथों से पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। अपने घुटनों को मोड़ते हुए हाथों से एड़ियों को पकड़ें। 15 से 20 सेकेंड इसी अवस्था में रहिए। बाद में सामान्य मुद्रा में आ जाएं। इस आसन को 3-4 बार दोहराएं। 

फायदा

धनुरासन करने से फेफड़ों को मजबूती मिलती है। इससे पूरे शरीर में खिंचाव होने से मांसपेशियों व हड्डियों में मजबूती आती है। रीढ़ की हड्डी मजबूत होने के साथ इसमें लचीलापन आता है। इसके अलावा मोटापा कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है। 

- अर्ध और चंद्रासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। फिर दाहिने पैर को ऊपर की ओर करें। फिर बाएं हाथ से जमीन को छुएं और दाहिने पैर से दाहिए हाथ से पकड़कर अर्धचंद्र यानी आधे चांद की आकृति बनाएं। कुछ सेकेंड इसी अवस्था में रहकर सामान्य मुद्रा में आ जाएं। फिर दूसरे पैर से इसे दोहराएं। 

फायदा 

इससे फेफड़ों को मजबूती मिलती है। शरीर में जमा एक्सट्रा चर्बी कम होकर बॉडी टोन्ड होती है। मांसपेशियों व हड्डियों में मजबूती आती है। कंधे, घुटनों व कमर दर्द से आराम मिलता है। 

- उष्ट्रासन

जमीन पर घुटनों के बल बैठ कर पैरों व घुटनों के बीच करीब 2 फीट की दूरी रखें। फिर घुटनों के बल धीरे-धीरे खड़े हो जाएं। अपने सिर को पीछे की ओर झुकाते हुए एड़ियों को पकड़े। गर्दन को सामार्थ्य अनुसार पीछे की ओर झुकाएं। इसी अवस्था में कुछ सेकेंड रहकर गहरी सांस लें। बाद में सामान्य मुद्रा में आ जाएं। इस आसन को 4-5 बार दोहराएं। 

फायदा 

इस आसन को करने से फेफड़ों में मजबूती आने के साथ वजन कंट्रोल रहता है। कमर, कंधों आदि के दर्द से आराम मिलता है। पाचन तंत्र में सुधार आता है। 

- चक्रासन

चक्रासन करने के लिए जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। फिर अपने पैरों को घुटनों पर मोड़ कर पैरों से जमीन को छुएं। अब हथेलियों को पीछे की ओर करते हुए कोहनियो को मोड़ें। बाहों को कंधों पर घुमाते हुए हथेलियों को सिर की तरफ जमीन पर रखें। गहरी सांस ले और शरीर का सारा भार हाथों व पैरों व डालते हुए ऊपर की ओर उठे। गर्दन को आराम देते हुए सिर को धीरे से पीछे की ओर करें। कुछ देर इस मुद्रा में रहकर सामान्य अवस्था में आ जाएं। इसे 1-2 बार और दोहराएं। 

फायदा 

इससे फेफड़ों को मजबूती मिलती है। अस्थमा के मरीजों के लिए यह योगासन बेहद फायदेमंद माना गया है। इससे पाचन तंत्र बेहतर होता है। खासतौर पर महिलाओं द्वारा यह आसन करने से उनकी प्रजनन शक्ति बढ़ती है। मांसपेशियों व हड्डियों में मजबूती आती है। शरीर पर जमा एक्सट्रा चर्बी दूर होकर बॉडी को सही शेप मिलती है। 

posted by - दीपिका पाठक