सहारनपुर से लेकर नोयडा तक खनन माफियाओं के सम्बन्धों में खनन कारोबारियों की कमर तोड़ी

सहारनपुर। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की न्यायिक पीठ द्वारा  हरियाणा में हो रहे खनन के अवैध गोरखधंधे की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए है  हरियाणा खनन माफियाओ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में  भीं पुरे पैर पसार रखे है और प्रदेश सरकार को हो रहे करोड़ो रूपये के राजस्व सहित उत्तर प्रदेश के खनन कारोबारियों को भी बचाया जा सकता है लेकिन इसके लिए ईमानदार अधिकारियों को इस दिशा में जांच करने तक अवैध खनन परिवहन पर रोक लगाने के लिए कमर कसनी होगी।

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की चार सदस्यीय पीठ में चेयरपर्सन न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल, न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल, न्यायाधीश  सत्य नारायण एवम एक्सपर्ट डॉक्टर नागिन नंदा ने प्रार्थी अनीश की और से वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग में वाद संख्या 1312021 में उपस्थित हुए अधिवक्ता संदीप मिश्रा के समक्ष अपने  दिनांक 12 जुलाई 2021 के आदेश में मैसर्स डेवेलपमेंट स्ट्रेटेजीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स दिल्ली रॉयल्टी कम्पनी, मैसर्स मुबारिकपुर रॉयल्टी कम्पनी यमुनानगर जो यमुनानगर के पोबारी के खसरा नम्बर बी-11 में 23.5 हेक्टेयर में, तहसील छछरौली ज़िला यमुनानगर के कोहलीवाला के खसरा नम्बर बी-21,22 में 13.59 हेक्टेअर में एवम बेलगढ़ तहसील छछरौली के खसरा नम्बर साउथ ब्लॉक बी-2 में 28 हेक्टेअर में खनन कर रही है । 

जिनके द्वारा नदी प्रवाह को मोड़ दिया गया है, जिसके चित्र भी साक्ष्य के रूप में संलग्न किये गए है और भारी मशीनों से अवैध खनन  किया जा रहा खनन जो राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के 2020 के नियमो के विरुद्ध है।उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एस ई आई ए ए हरियाणा, सी पी सी बी स्टेट एवम पी सी बी सहित यमुनानगर के जिलाधिकारी को भी इस आदेश की प्रतिलिपि भेजी है।

 उल्लेखनीय है कि हरियाणा में खनन कारोबार के नाम पर हो रहे गोरख धंधे से सहारनपुर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खनन कारोबारियों के समक्ष खनन कारोबार कर पाना दुष्कर हो गया है क्योंकि यहां क्रय किये गए कजनीज के प्रपत्र एमएम-11  पर ही प्रपत्र सी निर्गत किया जाता है। इन खनन के गोरख धंधेबाज़ों ने पूर्व में महाराष्ट्र, बिहार, उड़ीसा, दमन दीव, गोआ, असम, मिज़ोरम आदि  इन जगहों से कच्चा माल लाकर उन्हें पिस कर उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश से काम दामो में ये अपने आप में एक बड़ा खुलासा है उल्लेख करने पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण आश्चर्य व्यक्त कर चुका है और इतनी दूरी से खनन के परिवहन पर होने वाले व्यय से खनन का व्यापार ही सम्भव नही है जबकि सच्चाई ये भी है कि इन जगहों के नाम पर फर्जी कागज बना कर ये लोग इस  गोरखधंधे को अंजाम देते थे । 

जिसका सहारनपुर एस डी एम् नकुड  अर्जुन नागपाल ने कई बार छपे मरी कर इनको जेल भेजा है  इन लोगो की वजह से  सहारनपुर  सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खनन कारोबारियों को न केवल नुकसान पहुंचाता रहा है बल्कि उत्तर प्रदेश राज्य के राजस्व पर डाका डाला जा रहा है। नानोता दिल्ली नेशनल हाईवे पर हरियाणा से भरी मात्र में सामग्री आ आरही है उसकी भी अगर जाच करे तो सरकारी खजाने के हो रहे नुक्सान को से भी बचाया जा सकता है लेन हाइवे के लिए भी उक्त चोरी के खनन को मंगाया जा रहा है, जिस पर तुरंत रोक लगाने की आवश्यकता है। सहारनपुर में अवैध खनन के परिवहन का खुलासा नकुड़ उप जिलाधिकारी द्वारा पकड़े गए फ़र्ज़ी रवन्ने बनाने वालों से भी हो चुका है ।

 कुछ महा  बेहट एस डी एम् दीप्ती देव ने भी दिल्ली रॉयल्टी और मुबारक पुर रॉयल्टी के  ऊपी में हो रहे अवैध खनन परिवहन 8लोगो को जा भेजने से भी इनके अवैध गोरख धंधे का हो चुका है। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार को जल्द ही ठोस कदम उठा कर हरियाणा से हो रहे अवैध खनन के परिवहन को रोका जाये और हरियणा से उत्तर प्रदेश सरकार  को हुए करोडो के रवान्यु की भरपाई की जाये सहारनपुर से लेकर नोयडा तक आ रहे चोरी के अवैध खनन की धर पकड़ अभियान सहित टीम गठित करते हुए जांच कराने और माफियाओ से सांठगांठ रखने वालों को भी कानून का पाठ पढ़ाने की आवश्यकता है ताकि प्रदेश के राजस्व पर डाका डालने वालो पर कानून का चाबुक चले और प्रदेश का राजस्व प्रदेश के विकास में लगाया जा सके।