कहीं इंफेक्शन का संकेत तो नहीं नाभि की बदबू

क्या आपने नाभि की बदबू  या नाभि हाइजीन के बारे में सोचा है? नाभि हमारे शरीर का बहुत जरूरी हिस्सा है। मेडिकल भाषा में इसे अम्बिलीकस भी कहते हैं, जो पेट पर एक गहरा निशान होता है। आयुर्वेद व डॉक्टरों के अनुसार, नाभि शरीर का वो केंद्र है, जो यह अग्न्याशय, आंतों, पित्ताशय और यकृत जैसे महत्वपूर्ण अंगों से जुड़ा है। अक्सर लोग नाभि में होने वाली खुजली, जलन व बदबू को मामलू समझ इग्नोर कर देते हैं लेकिन यह इंफेक्शन या किसी बीमारी का इशारा भी हो सकता है।

 नाभि की बदबू के कारण

. नाभि की सफाई पर ध्यान ना देना

. बैक्टीरिया या फंगस इंफेक्श

. यीस्ट इंफेक्शन

. सफेद डिसचार्ज होना

. हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज

. बेली बटन पियरसिंग

अगर समस्या बढ़ जाए तो नाभि से डिस्चार्ज भी हो सकता है। ध्यान ना देने पर परेशानी बढ़ सकती है।

नाभि में बदबू के लक्षण

-नाभि से सफेद, पीला या हरे रंग का डिस्चार्ज आना

-नाभि में सूजन होना

-नाभि लाल होना

-खुजली होना

-बेली बटन की आसपास की त्वचा ड्राय होना या पपड़ी पड़ना

-नाभि में दर्द होना

-बुखार आना

-एब्डॉमेन में लम्प बनना

-नाभि में पपड़ी जमना

नाभि की बदबू का इलाज

1. इंफेक्शन होने पर आप डॉक्टर की सलाह से एंटीफंगल क्रीम या एंटीफंगल पाउडर लगा सकते हैं।

2. नाभि को ज्यादा से ज्यादा ड्राई रखें और इसकी सफाई पर भी खास ध्यान दें।

3. ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल को कंट्रोल में रखें। साथ ही अधिक मीठी चीजों से दूरी बनाकर रखें।

4. सिबेशियस सिस्ट की वजह से नाभि से बदबू आ रही है तो डॉक्टर दवा, इंजेक्शन या लेजर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। कई मामलों में सिस्ट को निकालने के लिए सर्जरी का सहारा भी लिया जाता है।

5. अगर समस्या गंभीर नहीं है तो आप कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से भी इससे छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए नहाते समय एंटी-बैक्टीरियल साबुन से नाभि की सफाई करें। साथ ही तॉटन की मदद से नाभि के अंदुरुनी हिस्से को ड्राई रखें।

नाभि की इंफेक्शन दूर करने के कुछ घरेलू टिप्स

1. पानी में हल्दी मिलाकर प्रभावित एरिया पर कुछ देर लगाए और फिर साफ कपड़े से क्लीन करें। दिन में 2- 3 बार ऐसा करने से दर्द भी कम होगा और इंफेक्शन भी दूर होगी।

2. नमक वाले गुनगुने पानी से नाभि की सफाई करें और उसे अच्छी तरह सुखा लें। दिन में 1-2 बार ऐसा करने से आपको आराम मिलेगा।

3. एलोवेरा जेल को नाभि पर लगाएं और सूखने दें। फिर कॉटन के कपड़े से एलोवेरा साफ करें। दिन में 2 बार ऐसा करें।

4. नीम की पत्तियों का पेस्ट को नाभि पर लगाएं। आप चाहे तो इसे पानी में उबालकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे भी इंफेक्शन की समस्या दूर होगी।

नाभि में इंफेक्शन का खतरा कब बढ़ जाता है?

मोटापा, पेट की सर्जरी, गर्भावस्था, नाभि के आस-पास कोई घाव या चोट आदि के कारण नाभि में इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टर से कब मिलें?

नाभि में बदबू आने के साथ अगर बुखार, लालपन, सूजन, अधिक खुजली, नाभि के आसपास दर्द, टॉयलेट पास करते समय दर्द हो तो डॉक्टर से कंसल्ट करें।

posted by - दीपिका पाठक