टीकाकरण कर रहे कर्मचारियों के साथ हुई अभद्रता,जान से मारने की मिली धमकी।

फतेहपुर/बिन्दकी। बिन्दकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में हर रोज की भांति बृहस्पतिवार के दिन भी भारी संख्या में टीकाकरण कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा इसी बीच बबलू अवस्थी नामक व्यक्ति लाइन से बे लाइन होकर सबसे पहले अपने परिवार के सदस्यों का टीकाकरण किये जाने को लेकर बहशबाजी करता जिस पर कर्मचारियों द्वारा सबसे पहले उसी के परिवार का टीकाकरण करने के लिए जब उनके मोबाइल रजिस्ट्रेशन के समय आया गोपनीय पासवर्ड पूछा गया तो बबलू अवस्थी द्वारा मैसेज अपने मोबाइल के मैसेज को डिलीट कर देना बताया गया जिस प कर्मचारियों ने बिना गोपनीय पासवर्ड के टीकाकरण किये जाने से मना कर दिया जिस पर उक्त बबलू अवस्थी नामक व्यक्ति का पारा सातवें आसमान पर चढ़ और सरकारी कार्य को लगभग दो घण्टे तक प्रभावित रखा और कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हुए उन्हें दस दस हजार रुपये में प्राइवेट नौकरी करने वाले नौकर की औकात है जैसे शब्दों से उन्हें काफी भला बुरा कहा साथ ही टीकाकरण कर रहे कर्मचारियों के स्थानांतरण करवाने और जान से मारने की धमकी तक दे डाली जिस पर ड्यूटी पर तैनात सिपाही सहदेव निषाद ने समझाने की कोशिश तो उसकी एक न मानी और जब इससे भी मन न भरा तो अस्पताल में तैनात चिकित्साधिकारी अभय पटेल को बुलाकर बिना गोपनीय पासवर्ड बताए ही टीकाकरण किये जाने का दबाव बनवाने लगा जो कि विफल रहा अब सवाल यह उठता है कि इन छुटभइया नेताओं की चक्कर में आखिर ऐसे पढ़े लिखे चिकित्साधिकारी कैसे फंस जाते हैं जो उनकी बात को बिना सोचे समझे ही गलत तरीके से कार्य करवाने वाले छुटभइया नेताओं की सिफारिश तक में चले आते हैं यही वजह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिन्दकी माह में मारपीट के एक से दो केस ऐसे ही आते हैं आखिर ऐसे मारपीट के केस बिन्दकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से ही क्यों आते हैं और अस्पतालों से क्यों नहीं ? वजह ऐसे छुटभइया नेताओं को डॉक्टरों का संरक्षण मिलना और डॉक्टरों का इन छुटभइया नेताओं के साथ गठजोड़ के साथ संलिप्त होना किसी भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी की तरफ इशारा करती है !