इस सप्ताह जारी हो सकता है एमपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट

MPBSE MP Board 12th Result 2021 : एमपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट इस सप्ताह जारी हो सकता है। सूत्रों से यह जानकारी मिली है। हालांकि आधिकारिक तौर पर रिजल्ट डेट का ऐलान नहीं हुआ है। कक्षा 12वीं के विद्यार्थी रिजल्ट जारी होने पर अपना परिणाम एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट कर सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सीबीएसई व सीआईएससीई समेत सभी राज्य बोर्डों को 31 जुलाई तक कक्षा 12वीं का परिणाम जारी करना है। इससे पहले 14 जुलाई को एमपी बोर्ड 10वीं के रिजल्ट आंतरिक मूल्यांकन से घोषित किए जा चुके हैं जिसमें 100 फीसदी छात्रों को सफल घोषित किया गया।

गौरतलब है कि कोरोना के चलते इस वर्ष 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं की परीक्षा रद्द कर दीं गई थीं। ऐसे में दोनों कक्षाओं के परिणाम जारी करने के लिए फॉर्मूला जारी किया गया। 

विस्तार से समझें एमपी बोर्ड 12वीं का रिजल्ट फॉर्मूला

12वीं की परीक्षा का परिणाम कक्षा 1०वीं के सर्वश्रेष्ठ 5 विषयों के विषयवार अंको के आधार पर तैयार किया जाएगा। इसके लिए 1०वीं के विषयों का 12वीं के संकायवार विषयों से मैपिंग की गई है। नियमित और स्वाध्याय परीक्षा के किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जाएगा। अतिरिक्त विषय या अतिरिक्त संकाय के छात्रों को उस विषय में दसवीं के साथ मुख्य संकाय के अनुसार मैप किए गए विषय अनुसार अंक प्रदान किए जाएंगे। श्रेणी सुधार छात्रों के अंक हाईस्कूल से मैप किए गए समूह के अंक के अनुसार ही दिए जाएंगे।

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी आदेश अनुसार बेस्ट ऑफ फाइव पद्धति में हाईस्कूल के सबसे अधिक अंकों वाले विषयों के अतिरिक्त छठवां विषय 12वीं कक्षा के जिस विषय से मैप किया जाएगा, उस विषय में हाईस्कूल के तृतीय भाषा विषय के अंक प्रदान किए जाएंगे। उदाहरण के लिए किसी छात्र को हाईस्कूल में सामाजिक विज्ञान विषय के अंक बेस्ट ऑफ फाइव पद्धति के अंतर्गत बाहर होने के कारण उसके परिणाम में नहीं जोड़े गए हैं, तो ऐसे छात्र को 12वीं के परीक्षा परिणाम में सामाजिक विज्ञान विषय के अंकों के स्थान पर 10वीं की तृतीय भाषा के अंक प्रदान किए जाएंगे।

इसी तरह प्रायोगिक परीक्षा के लिए निर्धारित मापदंड अनुसार कुल 1०० अंकों में से गणना उपरांत 12वीं की परीक्षा के प्रायोगिक भाग वाले विषयों में प्रायोगिक भाग में अंक, छात्र द्वारा 1०० में से अर्जित प्राप्त अंको के प्रतिशत अधिभार के आधार पर प्रदान किए जायेगे। उदाहरण के लिए यदि किसी छात्र को 7० प्रतिशत अंक प्राप्त होते हैं तो भौतिक शास्त्र के प्रायोगिक भाग में 3० अंकों का 7० प्रतिशत अंक अथार्त 21 अंक प्रदान किए जाएंगे और शेष 49 अंक सैद्धांतिक भाग में प्रदर्शित किए जायेगे।

यदि कोई छात्र अपने प्राप्तांक से असंतुष्ट रहता है तो कोविड-19 संकटकाल की समाप्ति उपरांत राज्य शासन की अनुमति से आयोजित होने वाली परीक्षा में भाग ले सकेगा। ऐसे छात्रों को परीक्षा परिणाम घोषित होने के 7 दिन के अंदर परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए ऑनलाइन पंजीयन करना अनिवार्य होगा। इस वर्ष 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी छात्रों को पूर्व वर्ष अनुसार अंक सूचियों में केवल श्रेणी अंकित की जाएगी। इस वर्ष 12वीं परीक्षा परिणाम की मेरिट लिस्ट जारी नहीं की जाएगी।

कैसा रहा एमपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट

इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा के लिए 916348 रेगुलर और 79188 स्वाध्यायी छात्रों द्वारा परीक्षा फॉर्म भरे गए थे।  914079 रेगुलर परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए। इनमें 356582

(39 फीसदी) परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में 397626 (43.50 फीसदी) द्वितीय श्रेणी में एवं 159871 (17.48 फीसदी) परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में पास हुए। इस प्रकार कुल 914079 परीक्षार्थी परीक्षा में पास हुए।