सोच कर न घबरा

कल होगा क्या ? 

सोच कर आज न घबरा,

कौन जाने क्या है ?

भविष्य के गर्भ में छिपा।


हो सकता है अच्छा ही हो

या हो जाए कुछ बुरा,

ज्यादा न सोच,बस हिम्मत से

कर हालातों का सामना।


हमेशा न सुख रहा है

न ही दुःख रहा है सदा,

फर्क डाल देता है बहुत बार

इंसान का सकारात्मक नजरिया।


कोशिश कर खुद से अच्छे की

बुराई से हर संभव दूरी बना,

हमेशा के लिए कौन रहा है?

धरती पर तू यह तो बता।


जिंदगी की भाग-दौड़ में

कुछ समय खुद के साथ बिता,

प्यार बांट, प्यार की नींव पर

खुशियों का एक काफिला बना।


 जितेन्द्र 'कबीर'

संपर्क सूत्र - 7018558314