एक पेड़ काटा अगर तो सौ पेड़ लगाना है

मानवता खतरे में पड़ी है यह सबको समझाना है

प्रकृति से खिलवाड़ नही करना पर्यावरण बचाना है

उन्नति के नाम पर जो हमने काट डाले जंगल

एक पेड़ काटा अगर तो सौ पेड़ लगाना है


प्रकृति से छेड़छाड़ का ही यह परिणाम है

हर वर्ष बादल फटते हैं तूफान और बाढ़ आते है

गुनाह करने वाला तो कोई और ही होता है

मरते हैं बहुत लोग बिना कसूर सजा पाते हैं


गंदगी हम फैलाते हैं प्लास्टिक हम जलाते हैं

स्वार्थ सिद्धि के लिए जंगलों में आग लगाते हैं

छोटे पौधे पशु पक्षी और जानवर

इस आग की भेंट चढ़ जाते हैं


कारखानों का कचरा सारा दरिया में बहाते हैं

सब्जियों पर केमिकल का छिड़काव कर बेच आते हैं

बीमार कोई हो जाये सेहत की चिंता नहीं दूसरों की

मरता है कोई तो मर जाये हम तो पैसे कमाते हैं


प्रकृति से खिलवाड़ करोगे नहीं रहेंगे जब यह पेड़

धरा गर्म हो जाएगी फिर हो जाएगा उलटफेर

पर्यावरण को नहीं बचाओगे तो नहीं मिलेगी प्राणवायु

स्वच्छ वातावरण नहीं मिलेगा घटती जाएगी आयु


पर्यावरण दिवस नहीं मनाना साल में केवल एक बार

सुरक्षित जीवन जीना है तो मनाइये इसे बारम्बार

अगली पीढ़ी याद करेगी हम सबको

बृक्ष लगा कर करोगे यदि इस धरती का श्रृंगार


रवींद्र कुमार शर्मा

घुमारवीं

जिला बिलासपुर हि प्र