गलतियां फिर से दोहरा रहे हैं

फिर से खुलने लगे हैं हाट-बाजार

सड़कों पर गाड़ियों के

काफिले फिर से नजर आ रहे हैं,

लोग हो रहे हैं लापरवाह फिर से

सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ाकर धज्जियां

मास्क को भी धत्ता बता रहे हैं,

लग रहा है ऐसा कि 

पहले की थी जो गलतियां हमनें

अब फिर से उन्हें दोहरा रहे हैं।


फिर से सजने लगे हैं पंडाल शादियों के

दो सौ - चार सौ की संख्या में

दावत खाने लोगों के हुजूम उमड़ते आ रहे हैं,

सरकारें हो रहीं हैं लापरवाह फिर से

उनके सामने ही लोग

कोविड प्रोटोकॉल की बैंड बजा रहे हैं,

लग रहा है ऐसा कि

पहले की थी जो गलतियां हमनें

अब फिर से उन्हें दोहरा रहे हैं।


फिर से खुलने लगे हैं स्कूल-काॅलेज

लेकिन देश के कई राज्यों में

'डेल्टा प्लस' वेरियंट के मामले आ रहे हैं,

लग रहा है ऐसा कि

कोविड उपयुक्त व्यवहार अपनाए बिना

सबकुछ खोलकर हम

पहली व दूसरी लहर में की गई

गलतियां फिर से दोहरा रहे हैं।


 जितेन्द्र 'कबीर'

संपर्क सूत्र - 7018558314