प्रधानमंत्री का छात्र-छात्राओं के हित में लिया निर्णय सराहनीय: योगिशा टण्डन

सहारनपुर। कोविड-19 के कारण के कारण जिस प्रकार से शिक्षा जगत पर इसका प्रभाव पड़ा है, उससे अभिभावकों, बच्चों, शैक्षणिक संस्थानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पडा है। अभिभावकों व बच्चों में हर समय असमंजस की स्थिति बनी रही है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इण्टरमीडिएट की सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा को लेकर जो स्थिति स्पष्ट की है उससे बच्चो व अभिभावकों को काफी राहत मिली है, और बच्चे अपने भविष्य को लेकर आशावान दिखाई दिए।

पाइनवुड स्कूल की कक्षा 12की छात्रा योगिशा टण्डन ने बताया कि बोर्ड परीक्षा को लेकर वह काफी असमंजस में थी। बोर्ड परीक्षा की पूरी तैयारी भी कर रखी थी लेकिन कोरोना काल के चलते असमंजस की स्थिति बनी रहती थी कि परीक्षाएं होगी या नहीं होगी। लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व शिक्षा मंत्री ने इस असमंजस भरी कडी को तोडकर स्थिति स्पष्ट कर दी है तब से उसका मानसिक तनाव दूर हुआ है और अब वह आगे की तैयारी कुशलतापूर्वक कर सकेगी। 

उन्होंने बताया कि प्रत्येक छात्र-छात्रा के जीवनकाल में परीक्षाएं अहम होती है, और बोर्ड परीक्षाएं तो अपना एक अलग स्थान रखती हैं, लेकिन जिस प्रकार से कोविड-19 के कारण शिक्षा जगत पर इसका असर दिखाई दिया है। ऑफ लाईन व आन लाईन के चक्कर में अभिभावक व बच्चे व अध्यापक के काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं उससे मानसिक परेशानी तो होती है। कोरोना के कारण स्कूल, कालेज सभी शैक्षणिक संस्थाएं बंद हैं और ऑन लाईन ही क्लासेस चल रही हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री का बच्चों के भविष्य को देखते हुए लिया गया निर्णय सराहनीय है। योगिशा टण्डन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया और बताया कि उनके दादा शीतल टण्डन एक प्रसिद्ध समाजसेवी तथा व्यापारी हैं उन्होंने भी प्रधानमंत्री के फैसले का स्वागत किया है।