इंडिया-ए टीम के कोच के रूप में सुनिश्चित किया कि हर खिलाड़ी मैच खेले

नेशनल क्रिकेट एकैडमी (एनसीए) के डायरेक्टर राहुल द्रविड़ ने कहा कि जब वह इंडिया अंडर-19 और इंडिया-ए टीमों के कोच थे, तो उन्होंने सुनिश्चित किया था कि दौरे पर गए हर खिलाड़ी को मैच खेलने का मौका मिले ज​बकि उनके जमाने में ऐसा नहीं होता था। भारत की युवा प्रतिभाओं को तराशने का श्रेय द्रविड़ को जाता है। वह अब अगले महीने श्रीलंका के दौरे पर जाने वाली भारत की सीमि​त ओवरों की टीम के कोच होंगे। इस टीम की अगुवाई शिखर धवन करेंगे। द्रविड़ अब इंडिया-ए और इंडिया अंडर-19 टीमों के साथ नहीं जाते हैं, लेकिन इसकी शुरुआत उन्होंने ही की थी कि दौरे पर जाने वाले हर खिलाड़ी को मैच खेलने का मौका जरूर मिले।

ईएसपीएन क्रिकइंफो के मुताबिक राहुल द्रविड़ ने कहा, 'मैं उन्हें पहले ही बता देता था कि अगर आप मेरे साथ 'ए' टीम के दौरे पर आए हो तो फिर आप यहां से मैच खेले बिना नहीं जाओगे। जब मैं जूनियर लेवल पर खेलता था तो मेरे अपने अनुभव थे। इंडिया-ए टीम के दौरे पर जाना और मैच खेलने का मौका न मिलना बहुत बुरा होता था।' उन्होंने कहा, 'आप अच्छा प्रदर्शन करते हो। आप 700-800 रन बनाते हो। आप टीम के साथ जाते हो और वहां आपको अपनी योग्यता दिखाने का मौका नहीं मिलता है। इसके बाद आपको चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने के लिए अगले सीजन में फिर से वे 800 रन बनाने होते हैं।'

द्रविड़ ने कहा, 'ऐसा करना आसान नहीं होता है, इसलिए इसकी कोई गारंटी नहीं कि आपको फिर से मौका मिलेगा। इसलिए आपको शुरू में खिलाड़ियों को कहना होता है कि यह बेस्ट 15 खिलाड़ी हैं और हम इनके साथ खेलेंगे। भले ही यह बेस्ट XI न हो। अंडर-19 लेवल पर हम मैचों के बीच पांच-छह बदलाव कर सकते हैं।' द्रविड़ ने कहा कि भारतीय क्रिकेटरों को अब दुनिया में सबसे फिट माना जाता है, लेकिन एक जमाना था जबकि उन्हें फिटनेस का जरूरी ज्ञान नहीं था और वे अधिक चुस्त ऑ​स्ट्रेलियाई और दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों से जला करते थे।