रिकवरी एजेंट परेशान करें तो जानें अपने अधिकार

बैंक और वित्तीय कंपनियां अपना लोन वसूलने के लिए वूसली एजेंट की सेवा ले सकती है, लेकिन एजेंट ग्राहकों से किसी भी प्रकार की अभद्रता या जोर जबरदस्ती नहीं कर सकते हैं। कर्जदाता के घर जाने का भी एक निश्चित समय है। बदसलूकी पर ग्राहक बैंक में इसकी शिकायत कर सकता है, अगर वहां सुनवाई नहीं होती तो वो आगे शिकायत कर सकता है।

क्रेडिट कार्ड, होम लोन, कार लोन आदि के लिए कई लोग ईएमआई भरते हैं। कई बार ईएमआई भरने में चूक जाते हैं। ऐसे में बैंक वसूली एजेंट भेजती है। वसूली एजेंटों की सख्ती के कारण कई कर्जदारों ने आत्महत्या भी की है, लेकिन देनदार के भी कई अधिकार हैं और कोई भी रिकवरी एजेंट उसे प्रताड़ित नहीं कर सकता।

ईएमआई के संघर्ष से हर मध्यमवर्गीय परिवार जूझता है। कभी वसूली एजेंट का भी सामना होता है। इससे अधिकांश लोग घबरा जाते हैं, लेकिन एक उपभोक्ता के तौर पर आपके पास अधिकार हैं।

एक चौंका देने वाली घटना में, मुंबई निवासी प्रकाश सर्वांकर(38), ने 50,000 रुपए का पर्सनल लोन लिया था। उन्होंने वसूली एजेंट के नाम पर घबराकर आत्महत्या कर ली। इस तरह की घटना ने वसूली एजेंट का डरावना