हिमाचल प्रदेश: एसपी गौरव सिंह और सीएम के पीएसओ बलवंत सिंह को किया गया निलंबित

 

शिमला : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के दौरान बीते बुधवार को मुख्यमंत्री के सामने भिड़े पुलिस अफसरों पर कार्रवाई की गाज गिरी है। जांच में मिले आरोपों के चलते सरकार ने एसपी कुल्लू रहे गौरव सिंह और पुलिस मुख्यालय ने मुख्यमंत्री के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) रहे एएसआई बलवंत सिंह को निलंबित कर दिया है। एडिशनल एसपी सीएम सुरक्षा बृजेश सूद को एडिशनल एसपी मुख्यमंत्री सुरक्षा के पद से रिलीव कर पुलिस मुख्यालय से अटैच (संबद्ध) कर दिया है।

गौरव को सेंट्रल रेंज मंडी से अटैच किया गया है। वहीं, घटना की जांच कर रहे सेंट्रल रेंज मंडी के डीआईजी मधु सूदन ने तीनों आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। सूत्रों के अनुसार थप्पड़ मारने वाले एसपी गौरव ने बयान में कहा है कि केंद्रीय मंत्री की गाड़ियों के काफिले में तय प्रोटोकॉल से इतर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा बृजेश सूद ने जबरदस्ती तीन अन्य वाहनों को शामिल कर दिया। प्रोटोकॉल तोड़ने के बाद भी वह उनसे बहस करते रहे और अपशब्दों का प्रयोग किया।

इस पर उनका हाथ उठ गया। वहीं, बृजेश सूद ने इस बात पर जोर दिया है कि जब उनकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की सुरक्षा है तो उनके वाहन को मुख्यमंत्री के वाहन से अलग कैसे रखा जा सकता है। इसी बात पर उन्होंने सवाल किया तो एसपी ने थप्पड़ मार दिया। वायरल वीडियो में एसपी को लात मारते दिखने वाले पीएसओ बलवंत सिंह ने कहा है कि वह अपने वरिष्ठ अधिकारी को थप्पड़ मारे जाने से नाराज थे। बीच बचाव के दौरान उनका पैर शायद एसपी को लग गया।

सरकार ने गुरुवार को गौरव सिंह को हटाकर 5वीं बटालियन बस्सी के कमांडेंट गुरुदेव शर्मा को एसपी कुल्लू लगा दिया है। 1 आईआरबीएन बनगढ़ की कमांडेंट आकृति को 5 आईआरबीएन बस्सी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। पुनीत रघु को मुख्यमंत्री सुरक्षा का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लगाया गया है। उधर, सूत्रों का कहना है कि डीआईजी शुक्रवार को सरकार को जांच रिपोर्ट सौंप सकते हैं।