खतरा: मध्यप्रदेश में डेल्टा प्लस से पहली मौत, राज्य में पांच मरीज मिले

भोपाल : मध्यप्रदेश में भी अब डेल्टा वायरस के नए रूप डेल्टा प्लस का खतरा पैदा हो गया है। अब तक राज्य में पांच मरीज मिले हैं। पहली मौत उज्जैन की महिला की हुई थी। उसे टीका नहीं लगा था। बता दें कि देश में डेल्टा प्लस वायरस के 40 मामले सामने आ चुके हैं।  

प्रदेश में अब तक मिले पांच मामलों में से तीन भोपाल में और दो उज्जैन में सामने आए हैं। उज्जैन की जिस महिला की मौत हुई है, उसे टीका नहीं लगा था, जबकि उसके पति को टीका लग चुका है। वह स्वस्थ है। 

उज्जैन के कलेक्टर आशीष सिंह के अनुसार 17 मई को यह दंपती संक्रमित मिले थे। इनमें नया वैरिएंट मिला था। इसके छह दिन बाद यानी 23 मई को महिला मौत हो गई थी। वहीं उसका पति 18 मई को डेल्टा प्लस से संक्रमित मिला था। चूंकि उसे टीका लग चुका था, इसलिए वह ठीक हो गया। 

राज्य सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि मप्र में कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वैरिएंट के पांच में से चार मरीज कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं। राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि डेल्टा प्लस को लेकर राज्य स्तर पर समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन्हें कोरोना वैक्सीन लग चुकी थी, वो डेल्टा प्लस को भी हराने में कामयाब हुए हैं। चार मरीजों को पहले टीके लग चुके थे और अब वे स्वस्थ हैं।

केंद्र सरकार ने मंगलवार को डेल्टा प्लस को कोरोना का चिंताजनक स्वरूप करार देते हुए इसे गंभीर श्रेणी में रखा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मध्यप्रदेश, केरल और महाराष्ट्र सरकार को खासतौर से आगाह किया है। बता दें, कोरोना महामारी से निपटने में वैक्सीन बहुत कारगर हो रही है। इसलिए मप्र समेत देशभर में टीकाकरण तेज किया गया है। सोमवार को तो मध्य प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा टीके लगे थे। बुधवार को भी 10 लाख से ज्यादा वैक्सीन लगाए गए।