जब तक कोरोना तब तक मास्क या नाक मुंहटोपी

 हमारे देश में अर्थ का अनर्थ करने वालों या लगानेवालों की कमी नहीं.कहीं भी रहेंगे तो अर्थ का अनर्थ या कुछ    न कुछ करते हुए जरूर मिलेंगे.यदि दिमाग में अनर्थ के तंतु कुछ क्षण के लिए शिथिल पडकर सुषुपतावस्था में दंड पेल रहे होते हैं तब उनका दूसरा पहलू तब निष्क्रिय से सक्रिय हो जाता है.कम से कम एक लकडी लेकर आजू-बाजू के जमीन खोदना शुरु कर देंगे.ये ऐसे जीव होते हैं जो खाने में घीव का इस्तेमाल करने पर जोड देते हुए अपने को चुस्त दुरुस्त,तंदुरुस्त बनाए रखने में तनिक भी कोताही नहीं वरतते.

मैं जिस रास्ते से जा रहा था.उसी रास्ते पर हमेशा की तरह भाई रामलाल उलूल-जुलूल कामों में लगे थेअनदेखा करते मुझे बचकर निकलना था कि वे अपने नजर के दायरे में लेकर फायर करना शुरू कर दिए-"का हो बबुआ तुम्हारा ही बढिया चल रहा है कोरोना और लाकडाऊन के बीच.आधा बेला काम,और भर दिन का दाम.सरकारी मेहमान.ई सरकार लाकडाऊन को खत्म क्यों नहीं करती.न जाने कब तक ऐसे चलता रहेगा.

और जैसे ही मैंने कहा किअब तो सब कुछ सामान्य ही होनेवाला है.कोरोना तो प्रौढावस्था में पहूंच गई.पावर जिस टावर से आता लिए उसका टावर काम करना बंद कर दिया.अब तीसरा कौन रूप लेकर आएगी.न जाने ये वुहान वाले कितना बनाकर रखा था.पेपर पढ रहे हैं न गुरू?केस का ग्राफ तो दिन प्रतिदिन गिर रहा है.उससे कहीं स्पीड में मास्क यानि नाकटोपी का ग्राफ दुगूने स्पीड से गिरकर गले में लटकते हुए ताबीज का शकल में झुल रहा है.

लेकिन भाऊ क्या कोरोना हमारे देश से सदा के लिए चली जाएगी.

इतना सुनते ही उनके संभावना के विरुद्ध बोल गया-कोरोना 

अब जानेवाली नहीं है.रोज-दो-चार मास्क या नाकटोपी का दुकान खुल रहा है.जब जाने के फिराक में रहती तो लोग नाकटोपी की दुकान क्यों खोलते?

कोरोना हमारे देश में दासी बनकर रहनेवाली है.वह मलेरिया मैडम की तरह अपना पहचान बनाना चाहती है.वह यही चाहती है कि मेरा एक विभाग हो.लोग ये कहें कि मैं कोरोना विभाग में काम करता हूं. वह आजीवन जीना चाहती है.हांं तीसरा लहर कौन सा आएगा.नजाने ये वुहान वाले भी क्या-क्या बनाकर पहले से तैयार रखे हुए हैं.हां उसे सिंपल कोरोना-सर्दी खांसी के जाना जाएगा.लेकिन है वुहान की.भरोसा भी नहीं किया जा सकता.यदि उसके टावर में पावर प्रवाहित होने लगे तो वही जान लेने का पुराना खेल खेल सकती है.

जिस तरह हाथ धोने के बाद पोछने हेतु रूमाल की जरूरत होती है.मास्क या नाकटोपी अब कोरोना के साथ ही चलती रहेगी. जब तक कोरोना तब तक नाकटोपी.

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सम्पर्क सूत्र....

राजेंद्र कुमार सिंह

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