कोरोना रिकवरी के बाद बच्चों में दिख रही यह बीमारी, लक्षणों को न करें नजरअंदाज

कोरोना की दूसरी लहर के बाद बच्चों में कोरोना के मामले काफी बढ़ रहे हैं वहीं, अब संक्रमण खत्म होने के बाद बच्चों में पोस्ट-कोविड के मामले भी सामने आ रहे हैं। दरअसल, कोरोना से रिकवरी के बाद बच्चों में मल्टी इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआईएस-सी) की बीमारी देखने को मिल रही है, जिसके कारण वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है।

क्या है एमआईएस-सी सिंड्रोम?

डॉक्टर एमआईएस-सी को कावासाकी सिंड्रोम से जोड़कर देख रहे हैं, जिसके कारण बच्चों को काफी परेशानियां हो रही हैं। यही नहीं, इससे बच्चों को रिकवरी में भी 6 महीने से अधिक का समय लग रहा है। कोरोना से ठीक होने के कम से कम 4-5 हफ्ते बाद बच्चों में इसके लक्षण दिखाई दे रहे हैं।

बच्चों में पोस्ट कोविड समस्याएं

एक्सपर्ट का कहना है कि कोरोना से रिकवरी के बाद इम्यून सिस्टम अधिक प्रक्रिया करता है, जिसके कारण बच्चों को यह समस्या हो रही है। इस सिंड्रोम के कारण शरीर के कई हिस्सों में सूजन, बुखार, सिरदर्द, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं हो सकती है। इसके अलावा इससे त्वचा में भी कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

त्वचा पर देखे जा रहे हैं कई बदलाव

नए अध्ययन के मुताबिक, त्वचा में मौजूद म्यूकस मेंब्रेन (लेष्मा झिल्ली) से इस नई बीमारी का पता लगवाया जा रहा है। 83ः से ज्यादा बच्चों की त्वचा पर म्यूकोजल लक्षण जैसे त्वचा पर चकत्ते, सूजन, लालपन, एलर्जी देखने को मिली। कोरोना से ठीक होने के बाद भी कई बच्चों में यह लक्षण देखने को मिल रहे हैं।

मल्टी इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम के लक्षण

-तेज बुखार

-आंखों का लाल होना।

-बहुत अधिक थकान।

-चिड़चिड़ापन

-पेट में दर्द

-भ्रम की स्थिति

-सांस लेने में तकलीफ

-सीने में दर्द

-पेशाब कम होना

एमआईएस-सी के त्वचा संबंधी लक्षण

बच्चों में एमआईएस-सी के कारण त्वचा पर कई तरह की समस्याएं हो सकती है जैसे-

-होठों का फटना

-सूजे हुए हाथ व पैर

-त्वचा पर चकत्ते, शरीर पर पित्ती

-आंखों में लालिमा

-हाथों या पैरों के आसपास रंग में बदलाव

-जीभ के रंग में बदलाव

ऐसे में पेरेंट्स को बच्चों में दिखने वाले किसी भी लक्षण को इग्नोर नहीं करना चाहिए।

posted by -दीपिका पाठक