महिलाओं में हार्ट अटैक के है ये सामान्य लक्षण, इनकों गलती से भी न करें नजरअंदाज

आज कल के दौर में हार्ट अटैक हर उम्र के लोगों में देखा जा रहा है। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक, सभी को दिल के बीमारी से खतरा है। ऐसे में महिलाओं का अच्छा खान-पान न होने की वजह से यह बीमारी उनमें तेजी से बढ़ती जा रही हैं। सीने में दर्द और बैचैनी हार्ट अटैक के आम लक्षण हैं, लेकिन अकसर महिलाएं इस नजरअंदाज कर देती है जिस वजह से बाद में उन्हें बड़ी हानि का सामना करना पड़ता है। एक डाटा के अनुसार, हर साल तीन में एक महिला की मौत दिल का दौरा पड़ने से होती है। महिलाओं में ये खतरा मेनोपॉज के बाद शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन की मात्रा कम होने की वजह से और भी बढ़ जाता है। इसलिए ये जरूरी है कि  बाकी पारिवारिक मेंबरों की तरह खुद का भी खास ख्याल रखें। आईए जानते हैं इसके लक्षणों के बारे में और क्या है इसके बचाव?

पढ़िए क्यों आता है हार्ट अटैक?

हमारे शरीर में एक हार्ट ही ऐसा आर्गन है जोशरीर के बाकी हिस्सों में खून और ऑक्सीजन की सप्लाई होती है लेकिन जब ये पंप सही ढंग से काम नहीं करता तो खून और ऑक्सीजन को शरीर के बाकी हिस्सों में पहुंचाने में काफी समस्या होती है और ऐसा होने के कारण खून का प्रवाह रुकता है और हार्ट अटैक जैसी आशंका बढ़ जाती है।

अगर आपकों अपने शरीर में ये लक्षण दिखाईं देते है तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें, फौरन चिकित्सक से संपर्क करें और अपना खान-पान का ध्यान रखें- 

-पीठ में दर्द रहना या हाथ और जबड़ों में दर्द के साथ खिंचाव महसूस हो, तो इसे बिल्कुल हल्के में ना लें।

-उल्टी आना या जी मचलाना इसके अलावा अगर हर दिन सिर चकराने जैसी परेशानी हो रही हो तो ये हार्ट अटैक का लक्षण हो सकता है। 

- पेट में तेज दर्द और ज्यादा पसीना निकलना भी  हार्ट अटैक का एक लक्षणहै। अगर आपके शरीर से ठंडा पसीना निकले तो डॉक्टर से जरूर चेकअप करवाएं।

-अगर आपकी सांसें फूलती हैं यां बिना वजह थकावट या बैचेनी महसूस होती है तो यह भी हार्ट अटैक का एक लक्षण हो सकता है। 

इन सावधानियों का रखें ख्याल-

-हार्ट अटैक से बचने के लिए 30 की उम्र के बाद महिलाएं रेग्युलर चेकअप कराएं। साथ ही अपने वजन पर भी कंट्रोल भी रखें। -ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराएं। हैल्थी डाइट लें। खाने में फाइबर युक्त पत्तेदार सब्जियों के अलावा सोयबीन, छिलके वाली दाल और राजमा जैसी चीजें खाएं जिससे शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन बना रहेगा। 

-खाने में नमक, चीनी और सैचुरेटेड फैट की मात्रा कम रखें। हर रोज एक्सरसाइज और योगा के लिए जरूर समय निकालें।

-अगर आप खाना जल्दी-जल्दी खाते हैं तो आदत को फौरन छोड़ दें क्योंकि आपको अपने मेटाबॉलिज्म और शारीरिक सक्रियता के अनुसार ही कैलोरी लेनी चाहिए।

हार्ट प्रॉब्लम से पीड़ित हैं, तो रखें बातों का ध्यान-

डेली डाइट या मिताहार करें। संतुलित और पौष्टिक खाना वजन नियंत्रण और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। अगर आप हार्ट प्रॉब्लम से पीड़ित हैं, तो आपको अपने आहार में फल, सलाद, हरी सब्जियां, साबुत अनाज शामिल करना चाहिए। आपको अपने दिन के भोजन में तेल और घी की खपत को बहुत कम करना चाहिए। धूम्रपान से भी दूरी बनाएं रखें।

posted by -दीपिका पाठक