हिप्स फैट घटाने के लिए ये है बेस्ट योग आसन

स्वस्थ रहने के लिए योगा करना काफी फायदेमंद माना गया है। इससे शरीर में ऊर्जा व खून का संचार बेहतर तरीके से होता है। साथ ही वजन होने से बॉडी को सही शेप मिलती है। बात बढ़े हुए वजन की करें तो आज के समय में महिलाएं खासतौर जांघों व कुल्हों पर जमा एक्सट्रा चर्बी से परेशान है। ऐसे में इससे छुटकारा पाने के लिए आज हम आपको 6 बेहरतीन योगासन बताते हैं। रोजाना इन योगासन को करने से हिप्स व थाई पर जमा एक्सट्रा फैट तेजी से बर्न होगा। साथ ही थकान, कमजोरी, तनाव दूर होकर शरीर में चुस्ती व फुर्ती आएगी। आइए जानते हैं इन योगासन के बारे में...

1. तितली मुद्रा यानि बटरफ्लाई पोज 

तितली योगासन से जांघों व कुल्हों की मांसपेशियों में दबाव पड़ता है। इससे शरीर की अच्छी कसरत होती है। ऐसे में जांघों व कुल्हों पर जमा एक्सट्रा चर्बी कम होकर बॉडी शेप में आती है। इसके अलावा आंतों के लिए यह योगासन बेहद फायदेमंद माना जाता है। थकान, कमजोरी व तनाव दूर होने में मदद मिलती है। 

ऐसे करें बटरफ्लाई पोज 

. जमीन पर पैरों को क्रॉस करके बैठे। 

. अब दोनों पैरों की उंगलियों को एक-दूसरे के साथ जोड़ें। 

. हाथों से पैरों को पकड़ लें। 

. इस दौरान गहरी सांस लें। 

. थोड़ी देर इस मुद्रा में रहकर सामान्य अवस्था में आ जाएं। 

2. उत्कटासन यानि चेयर पोज

इस आसन को शरीर को कुर्सी की मुद्रा में रखना होता है। इसमें शरीर का सारा भार पैरों, जांघों पर कुल्हों पर पड़ता है। इससे मसल्स से खींचाव होता है। ऐसे में हिप्स व थाई पर जमा एक्सट्रा चर्बी तेजी से कम होने में मदद मिलती है। 

ऐसे करें चेयर पोज

. इसके लिए एकदम सीधे खड़े हो जाएं। 

. फिर टांगों को हल्का मोड़ते हुए हवा में ही चेयर पोस में बैठ जाएं। 

. अपने हाथों को आगे या ऊपर की ओर एकदम सीधा कर लें। 

. थोड़ी से इस अवस्था में रहकर गहरी सांस लें। 

. बाद में सामान्य मुद्रा में आ जाएं। 

3. उष्ट्रासन यानि कैमल पोज

इस आसन को करने से बॉडी ऊंट की तरह दिखाई देती है। इसलिए इस योगासन को कैमल पोज भी कहा जाता है। इसे करने से थाई और हिप्स के मसल्स को फायदा मिलता है। ऐसे में इन जगहों पर जमा एक्सट्रा चर्बी कम होकर शरीर को सही शेप मिलती है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। पाचन दुरुस्त रहने के साथ आंखों की रोशनी बढ़ने में मदद मिलती है। 

ऐसे करें कैमल पोज

. इस आसन को करने के लिए जमी पर पैरों के सहारे बैठ जाएं। 

. अब कुल्हों को शरीर के ऊपर उठाएं और छाती को फैलाते हुए पीछे की ओर मोड़ें। 

. दोनों हाथों से पीछे की ओर झुकाते हुए पैर के पंजों को पकड़ें। 

. इसी अवस्था में कुछ देर रहकर गहरी सांस लें। फिर सामान्य मुद्रा में आ जाएं। 

. दोबारा 4-5 बार इस आसन को दोहराएं। 

4. वीरभद्रासन यानि वॉरियर पोज

वीरभद्रासन यानि वॉरियर पोज से पूरे शरीर की अच्छे से एक्सरसाइज होती है। मांसपेशियों व हड्डियों में मजबूती आने के साथ जांघों व हिप्स पर जमा अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद मिलती है। थकान, कमजोरी दूर होकर एनर्जेटिक महसूस होता है। 

ऐसे करें वॉरियर पोज

. सबसे पहले एकदम सीधे खड़े होकर दोनों पैरों के बीच करीब 4 फीट की दूरी रखें।

. अब बाएं पैर को बाएं तरफ और दाएं पैर को आगे की ओर बढ़ाते हुए थोडा सा मोड़ें। 

. दोनों हाथों को ऊपर की तरफ करते हुए नमस्ते की मुद्रा में आ जाएं। 

. थोड़ी देर इसी अवस्था में रहकर गहरी सांस लें। फिर सामान्य मुद्रा में आ जाएं। 

5. सेतुबंधासन यानि ब्रिज पोज

सेतुबंधासन यानि ब्रिज पोज करने से भी आप जांघों व कुल्हों पर जमा एक्सट्रा चर्बी को कम कर सकती है। इसमें शरीर को ब्रिज यानि पुल की मुद्रा में रखना होता है। यह आसन वजन कम करने के साथ शरीर में अकड़न, कमर व पीठ दर्द से भी आराम दिलाता है। साथ ही पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होने के साथ तनाव दूर होने में मदद मिलती है। 

ऐसे करें ब्रिज पोज

. जमीन पर मैट बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं।

. फिर अपने हाथों को जमीन से लगाकर पैरों को ऊपर की ओर उठाते हुए घुटनों को मोड़े। 

. अपने हिप्स को ऊपर की ओर उठाएं। 

. अपने सामर्थ्य के अनुसार ही ऊपर की ओर जाएं। 

. थोड़ी देर इस अवस्था में रहकर सामान्य मुद्रा में आ जाएं। 

6. नौकासन यानि बोट पोज

नौकासन यानि बोट पोज करने में आसान होने के साथ वजन कम करने में फायदेमंद माना जाता है। इससे जांघों व कुल्हों की चर्बी कम होकर बॉडी को सही शेप मिलती है। शरीर में खून का संचार बेहतर होने से मांसपेशियों व हड्डियों में मजबूती आती है। तनाव कम होकर अंदर से खुशी व शांति का अहसास होता है। 

ऐसे करें बोट पोज 

. इसे आसन को करने के लिए जमीन पर मैट पीछा कर पैरों को सीधे करके बैठ जाएं। 

. अब धीरे-धीरे पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। 

. शरीर का भार कुल्हों पर डालते हुए बैलेंस बनाएं। 

. बैलेंस बन जाने पर हाथों को जमीन से ऊपर करते हुए एकदम सीधे रखें। 

. थोड़ी देर इस अवस्था में रहकर गहरी सांस लें। 

. बाद में सामान्य मुद्रा में आ जाएं। 

. इस आसन को 4-5 बार दोहराएं।