औलाद का सुरक्षा कवच : पिता

उसका वश चले तो वह

अपनी औलाद के रास्ते में आने वाली

हर मुश्किल को हटा दे,


उसका वश चले तो वह

अपनी औलाद को सुख समृद्धि के

सबसे ऊंचे शिखर पर बिठा दे,


उसका वश चले तो वह

अपनी औलाद के हर एक दु:ख को

हमेशा - हमेशा के लिए मिटा दे,


उसका वश चले तो वह

अपनी औलाद के जीवन का हर पल

खुशियों से सजा दे,


पिता का साया उठ जाए 

जिस इंसान के सर से

वो दुनिया का सबसे भरोसेमंद सुरक्षा कवच

हमेशा के लिए गंवा दे,


पिता का अनुराग ही ऐसा होता है

अपनी औलाद से

कि जरूरत पड़ जाए अगर तो

पिता अपनी औलाद की खातिर

अपनी हस्ती तक मिटा दे।


जितेन्द्र 'कबीर'

संपर्क सूत्र - 7018558314