"आज भी मुझे याद है"

चाय की प्याली संग तेरा कमरे में आना।

 पायल की रुनझुन से मुझको जगाना,

आंख मिलते ही तेरा वो मुस्कुराना आज भी मुझे याद है।

(2)

गेसूवों का झटकना , बूंदों को मुझ तक पहुंचाना,

 सूरज की लाली सी बिंदी लगाना।

मुझे देखता देख, तेरा वो शर्माना आज भी मुझे याद है।

(3)

दर्पण में खुद को देख, खुद पर रीझ जाना।

 बालों में उंगली फिरा, खुद में सिमट जाना ।

आहट मिलते ही तेरा कोने में छुप जाना ,

आज भी मुझे याद है।

(4)

बलखाती कटि नागिन सी

चोटी लहराना ।

मदिरमयी आंखों में ,

काजल लगाना।

 देख लूं मैं सबसे पहले,

 तेरा वो कंगन खनकाना 

आज भी मुझे याद है ।

(5)

भावशून्य हो ,खुद में खो जाना । होठों के बीच में ,उंगली दबाना ।

छूते ही तेरे तन-मन को ,

छुई-मुई हो जाना ।

आंखों ही आंखों में, सब कुछ कह जाना।

 आज भी मुझे याद है।


मधुलिका राय "मल्लिका" 

वाराणसी 

फ़ोन-7408834024