मछली से दोगुनी कमाई का लालच देकर किसानों से करोड़ की ठगी, भाजपा विधायक भी फंसीं जाल में

भोपाल: मध्य प्रदेश में मछली पालन से दोगुनी कमाई का लालच देकर कई किसानों से कथित तौर पर करोड़ों की ठगी कर ली गई, बाकायदा कॉन्ट्रेक्ट किया गया कागजात बने, लेकिन शमशाबाद से बीजेपी विधायक तक भी इस जाल में फंस गईं. बावजूद इसके पुलिस ने अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है. अपनी कमाई से बनाए इन तालाबों से लाखों की कमाई का वायदा था, लेकिन शांतनु, शीलेन्द्र जैसे कई किसानों के अलावा शमशाबाद से बीजेपी विधायक राजश्री रूद्रप्रताप सिंह के लाखों रुपये पानी में बह गये. अकेले विदिशा में लगभग 100 से ज्यादा लोग मछली पालन में लाखों रुपए लगा चुके है. 

किसानों से कहा गया वो अपनी जमीन में मछली पालन के बड़े कारोबार का प्रोजेक्ट लगाकर आय दोगुनी कर सकते हैं, इसके लिए फिश कंपनी ने कांट्रेक्ट बेस फार्मिंग के नाम पर प्रति एकड़ पर 5 से 10 लाख रुपए का निवेश करवाया और कहा कि एक साल में रकम दोगुनी हो जाएगी. इस स्कीम में निवेश करने वाले शीलेन्द्र खत्री ने बताया हमें कंपनी ने बताया था कि किसानों को 20 महीने में दोगुनी राशि मिलेगी. कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग की स्कीम बताई थी बाकायदा कॉन्ट्रेक्ट किया था कहा साढ़े 5 लाख जमा करने पर 60000 रु महीने के मिलेंगे, चौकीदार और बिजली के 8000 रु. अलग से, मछली का बीज देंगे, विशेषज्ञ आकर देखभाल करेंगे लेकिन जो कॉन्ट्रैक्ट किया था उसकी किसी शर्त का पालन नहीं किया.

इसी गांव के शांतनु खत्री ने कहा कि यही बताया था कि 5 लाख का निवेश करेंगे तो 15 महीने में 12 लाख मिलेंगे. अब हम न्यायालय की शरण लेंगे. हमें लगता है भारत देश में कई जिले हैं जहां ऐसे प्रताड़ित किसान हजारों की संख्या में हैं. 

ठगी की शिकार बीजेपी विधायक राजश्री रूद्रप्रताप सिंह भी हुईं, उनके परिजनों ने भी स्कीम में लाखों लगा दिए. एक 11 लाख की स्कीम थी और एक 5 लाख की कई लोग मेरे पास आए कि पैसे नहीं आ रहे हैं, जब मैंने मीटिंग ली तो उसमें 70 परसेंट काफी गरीब किसान थे, कई लोगों ने गहने बेचे, जमीन गिरवी रखकर फिश फॉर्चुन में पैसे लगाये. यहां तो हम लोग चेक बाउंस की रिपोर्ट कर रहे हैं, लेकिन भोपाल के कोहेफिजा में जब कुछ किसान पहुंचे तो एफआईआर तक नहीं की गई.

बीजेपी विधायक ने कहा कि हम सारे इकठ्ठे होकर सीएम के पास जाएंगे ताकि वहां से हरियाणा सीएम को भी खबर करें कि उनके राज्य में बैठे लोग कैसे किसानों को ठग रहे हैं. किसान पुलिस के पास स्कीम के ब्रोशर, बैंकों के फर्जी फिक्स्ट डिपॉजिट, चेक और अहम दस्तावेज लेकिन पहुंचे, जिसमें स्कीम के बारे में बताया गया था कि आधा और एक एकड़ जमीन पर तालाब बनाने वाले हैं. इसमें 5 लाख 50 हजार के निवेश पर 19 महीने तक 60 हजार देने का वादा था. दूसरे में एक एकड़ जमीन पर 11 लाख 5 हजार के निवेश पर 18 महीने तक प्रतिमाह 1 लाख 25 हजार देने का वादा किया गया. कंपनी ने किसानों को विश्वास दिलाया कि जमा राशि का एफडीआर बनाकर देंगे. साथ में पोस्ट डेटेड चेक देंगे. अगर वक्त पर पैसे नहीं मिले तो किसान जमा पूंजी से  राशि निकाल सकेंगे, लेकिन पुलिस ने फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की है, कुछ किसानों ने हमें बताया कि पिछले साल मछली पालन के नाम पर राशि दोगुनी करने  के प्रलोभगन की शिकायत मत्योद्योग विभाग को की गई थी.