नज़्म

मन ना लगे लगाइए 

घर से दूर मत जाइए 

अपनी परवाह ग़र ना भी हो 

औरों पे क़हर मत ढ़ाइए

आँखो में तीरगी बढ़ने लगी 

सोच समझ कदम बढ़ाइए 

साँसो पे लगने लगे पहरे 

भीड़ में दिल ना बहलाइए 

नमी आँखो में भले बढ़ने लगी 

नम आँखो से ही मुस्कुराइए 

वक्त सितम फिर ढा रहा 

मात हस  हस के देते जाइए 

मौत ज़िंदगी में जंग छिड़ी

रास्ते से ज़रा  हट भी जाइए 

अभी कुछ दिन है सम्भलना

मन को अभी और समझाइए 

खूबसूरत दुनियाँ है बहुत 

नासमझी में इसे ना गँवाइए 

सवि शर्मा 

देहरादून 

उत्तराखंड 

३७/३ इनकम टेक्स लेन सुभाष रोड 

देहरादून 

पिन २४८००१ 

Ph-9412006465