सोच में तुम

  मैं

कलम

और

सोच में तुम

भावना

जज्बात

और

सोच में तुम

ख्वाब

ख्याल

और

सोच में तुम

शाम

सुरमई

और

सोच में तुम

प्रीत

समर्पण

और

सोच में तुम

खुशी

दृग जल

और

सोच में तुम

मैं

तन्हाई

और

सोच में तुम।

गरिमा राकेश