नासिर हुसैन ने ओली रॉबिन्सन से कहा- नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने सोमवार को तेज गेंदबाज ओली रोबिन्सन को 2012 और 2013 में ट्विटर पर अश्लील और नस्लीय टिप्पणी करने के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए टीम से बाहर कर दिया। बोर्ड के इस फैसले ने दुनियाभर के क्रिकेट फैन्स को चौंका दिया था, क्योंकि रोबिन्सन ने इतने साल बाद यह मामला सामने आने के बाद सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांग ली थी। अब इस पूरे मामले पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने रोबिन्सन को नसीहत देते हुए कहा है कि नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है, फिर चाहे आप 18 साल के हों या 28 साल के।

उन्होंने 'स्काई स्पोर्ट्स' से बात करते हुए कहा कि, 'रोबिन्सन के ट्वीट्स किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं थे। इनकी वजह से ही उनके करियर का यादगार दिन(टेस्ट डेब्यू) कलंकित हो गया।' हालांकि हुसैन ने इस बात की तारीफ भी कि तेज गेंदबाज ने मामला फिर से सामने आने पर इसे स्वीकार किया और गलती को पहचानते हुए माफी भी मांगी। पूर्व कप्तान ने कहा कि, 'मैं ऐसा सोचता हूं कि हम एक क्रूर समाज में रहते हैं, जो यह स्वीकार नहीं कर सकता है कि एक 18 साल का युवा लड़का गलतियां भी कर सकता है। हम इस मामले में बहुत गलत साबित हुए हैं।'

उन्होंने आगे कहा कि, 'जब बात नस्लवाद की आती है तो मुझे लगता है कि इसकी कोई भी जगह नहीं है, साथ ही ऑनलाइन नफरत, कीबोर्ड वॉरियर की हमें बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि सुबह के चार बजे आप बीयर पीकर कुछ भी कहो, यह कतई स्वीकार्य नहीं है।' रोबिन्सन अब इंग्लैंड के खिलाफ 10 जून से शुरू हो रहे टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच में चयन के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। दोनों टीमों के बीच यह सीरीज फिलहाल बराबरी पर है, ऐसे में जो भी दूसरे मैच में जीत दर्ज करेगा, वह मैच के साथ टेस्ट सीरीज भी अपने नाम कर लेगा। बता दें कि यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप(डब्ल्यूटीसी) का हिस्सा नहीं है।