जानिए, देसी घी कोलेस्ट्रोल के लिए अच्छा है बुरा


देसी घी एक पौष्टिक आहार है जिसे खाने में लेने से सेहत हमेशा तंदरुस्त और हैल्थी रहती हैं। अच्छी सेहत के लिए घी का सेवन करना बहुत फायदेमंद माना जाता है। बुजुर्ग लोग भी इसलिए घी खाने की सलाह देते रहते हैं। डाॅक्टर भी घर के बड़े बुजुर्गों द्वारा बच्चों को डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे घी, पनीर, दूध दही खिलाने पर जोर देते है। लेकिन युवा लोग इसे अवाॅइड करते हैं , अधिकतर लोगों का मानना है कि घी का सेवन शरीर में कोलेस्ट्रोल लेवल में वृद्धि करता है। वजन कम करने के लिए घी से दूरी बनाना लाजमी है, लेकिन आयुर्वेद में घी का इस्तेमाल वजन कम करने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में कैलोरी, सैचुरेटिड फैट, कैल्शियम, विटामिन और प्रोटीन से भरपूर देशी घी ना केवल वजन कम करने में सहायक है बल्कि यह मसल्स को भी स्ट्रॉन्ग बनाता है।  हाल ही में अमेरिकन शोधकर्ताओं ने घी को लेकर अध्ययन किया है जिसमें कई अहम जानकारी सामने आई हैं, आईए जानते हैं कैसे- 

कैसे बनता है घी- 

गाय, भैंस और बकरी के दूध के मक्खन को मथ कर उसे गर्म कर घी बनाया जाता है। गाय के दूध के घी को अधिक ताकतवर और शुद्ध माना जाता है। फॉस्फोलिपिड्स की उपस्थिति के कारण घर पर बना शुद्ध देशी घी लंबे समय तक तरोताजा रहता है। 

घी कैसे शरीर के लिए है फायदेमंद

-आयुर्वेद के अनुसार घी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह जीवन जीने की क्षमता यानि दीर्घायु में मदद करता है और शरीर को कई गंभीर बीमारियों से निजात दिलाता है व इनके संक्रमण से दूर रखने में कारगार होता है।

- यह शरीर की इम्यूनविटी को मजबूत बनाता है और पाचन शक्ति में सुधार करता है। इसके अलावा शरीर को ओजस और ताकतवर बनाता है।

- घी याद्दाश्त में सुधार करता है और दिमाग को मजबूत बनाता है।

- घी वात और पित्त को ठीक रखता है। इससे कफ की सम्या नहीं होती। 

- घी का इस्तेमाल हर्बल दवा बनाने के लिए किया जाता है। 

घी के अच्छे व बुरे प्रभाव को जानने के लिए विशेषज्ञों ने चूहों पर किया एक्सपेरिमेंट

हार्ट के स्वास्थ पर घी के अच्छे व बुरे प्रभाव को जानने के लिए विशेषज्ञों ने इसका एक्सपेरिमेंट चूहों पर किया। इसके लिए विशेषज्ञों ने दो चूहों को भरपूर मात्रा में घी से युक्त खाद्य पदार्थ दिया गया। आपको बता दें एक सेट स्वस्थ जानवरों का था और दूसरा सेट हाइब्रेड चूहों का था, जो आनुवांशिक रूप से कुछ गंभीर बीमारियों का शिकार थे। 

शोधकर्ताओं के मुताबिक स्वस्थ जानवरों में घी से युक्त खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करने से ह्रदय रोग या कोलेस्ट्रोल के लेवल में वृद्धि नहीं देखी गई। वहीं दूसरे सेट में जो जानवर बीमारियों से ग्रस्त थे, उनमें घी से युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने से खराब कोलेस्ट्रोल ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में वृद्धि देखी गई।

खाना बनाने वाले तेल के स्थान पर घी का सेवन ना करें- 

इससे पता चलता है कि स्वस्थ व्यक्तियों में घी से युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन स्वास्थ के लिए लाभकारी होता है। लेकिन ध्यान रहे खाना बनाने वाले तेल के स्थान पर घी का सेवन ना करें।

मनुष्यों पर किए गए शोध

- इसी तरह शोध के मुताबिक उन पुरुषों में कोरोनरी और ह्रदय से संबंधित बीमारी काफी कम देखी गई जो अधिक मात्रा में घी का सेवन करते हैं।

-अधिक मात्रा में घी का सेवन सीरम कोलेस्ट्रोल, ट्राइग्लिराइड्स, फॉस्फोलिपिड्स और कोलेस्ट्रोल एस्टर की मात्रा को कम करती है।

-घी के सेवन से सोरायसिस से ग्रस्त मरीजों के लक्षणों में भी सुधार लाता है।

posted by - दीपिका पाठक