टेस्टिंग बढ़ाने के लिए हिमाचल सरकार ने लिया फैसला, 250 से अधिक कोरोना टेस्ट लिए तो मिलेंगे 11500 रुपये

शिमला : कोरोना को लेकर रैपिड एंटीजन टेस्टिंग बढ़ाने पर हिमाचल प्रदेश सरकार स्वास्थ्य उपकेंद्र दल को प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी। 250 से अधिक टेस्ट करने पर स्वास्थ्य उपकेंद्र के दल को अधिकतम 11500 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि अधिसूचित सूची में क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम, एमपीडब्ल्यू और आशा कार्यकर्ताओं में वितरित की जाएगी। इस प्रोत्साहन को प्राप्त करने के बाद हेल्थ वेलनेस सेंटर-स्वास्थ्य उपकेंद्र व हेल्थ वेलनेस सेंटर-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को कोविड-19 सीसी पोर्टल पर प्रोत्साहन को सत्यापन के बाद कलेक्शन सेंटर के रूप में नामित किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त टेली परामर्श की संख्या, ओपीडी में वृद्धि, दैनिक व मासिक रिपोर्टिंग तथा डीवीडीएमएस पोर्टल के उपयोग को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए आधार बनाया जाएगा। कोविड के कारण कुछ लोगों की घर पर मृत्यु दर्ज की गई है।  इनमें कुछ मरीज ऐसे थे जिन्हें या तो कोविड पॉजिटिव पाया गया था और उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया था जबकि कुछ मरीज ऐसे थे जिन्होंने कोविड के लक्षणों की अनदेखी की और उनकी मृत्यु होने पर उनके कोविड पॉजिटिव होने का पता चला हैं।

 हिमाचल में जीवन धारा हेल्थ एडं वेलनेस केंद्रों के माध्यम से प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यह स्वास्थ्य सुविधा प्रदेश के जिला चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन तथा सिरमौर में प्रदान की जा रही है। कोविड महामारी के दृष्टिगत प्रदेश के इन 7 जिलों में 11 मई, 2021 से इस सुविधा के माध्यम से रेपिड एंटीजन टेस्टिंग की जा रही हैं। इन जिलों में 23 मई 2021 तक 3366 सैंपल लिए गए। जिनमें से 395 लोगों के सैंपल कोविड-19 पॉजीटिव पाए गए हैं। च कोरोना महामारी के आरंभ होने से लेकर अब तक इस सुविधा के माध्यम से दो लाख से अधिक सैंपल लिए जा चके हैं। 

कोरोना को लेकर रैपिड एंटीजन टेस्टिंग बढ़ाने पर हिमाचल प्रदेश सरकार स्वास्थ्य उपकेंद्र दल को प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी। 250 से अधिक टेस्ट करने पर स्वास्थ्य उपकेंद्र के दल को अधिकतम 11500 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि अधिसूचित सूची में क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम, एमपीडब्ल्यू और आशा कार्यकर्ताओं में वितरित की जाएगी।