अगले 24 घंटे में देहरादून समेत पहाड़ी जिलों में तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश की संभावना, येलो अलर्ट जारी

देहरादून : मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में राजधानी देहरादून के साथ ही टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा जिले में तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी देहरादून समेत मैदानी क्षेत्रों में मौसम के बदले मिजाज के चलते थंडर स्टॉर्म की सक्रियता देखने को मिल सकती है। वहीं राजधानी दून में शुक्रवार की सुबह चटख धूप खिली, जिससे लोगों ने गर्मी का अहसास किया। मौसम के बदले मिजाज को देखकर मौसम विज्ञानी भी भौचक हैं। मानसून के दस्तक देने के साथ ही हर साल राजधानी देहरादून समेत राज्य के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में जो झमाझम बारिश का नजारा देखने को मिलता था। वह इस बार नहीं दिखाई दे रहा है।

हालांकि समय-समय पर देहरादून समेत पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश हो रही है, लेकिन मानसून की पूरी तरह सक्रियता और झमाझम बारिश नदारद है। मौसम विभाग ने राजधानी दून में अगले तीन दिनों तक तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही धूल भरी आंधी भी आ सकती है।

बंद सड़क खोलने और पैदल रास्तों की मरम्मत के लिए प्रशासन ने लोनिवि और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को हेलीकॉप्टर से भेजा है। इससे सीमांत के लोगों को उम्मीद जगी है। पिछले दिनों की बारिश से दारमा घाटी में कई जगहों पर सड़क बंद और कई पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे। 

एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला के आदेश के बाद लोनिवि के एई जीके पांडे, आशुतोष वर्मा और सीपीडब्लूडी के एई कपिल कुमार और जेई पीयूष अधिकारी की टीम हेलीकॉप्टर से दारमा घाटी गई। लोनिवि के अधिकारी तिदांग, मारछा और सीपू गांव में पहुंचे और लोगों के साथ क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग और पुल का निरीक्षण कर स्थानीय ठेकेदार को कार्य शुरू करने के निर्देश दे दिए।

स्थानीय ठेकेदार जीवन मार्छाल ने वी-सैट से बताया कि तिदांग मारछा और सीपू को जोड़ने वाले छह किमी क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग की मरम्मत का काम स्थानीय लोगों ने शुरू कर दिया है। सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने दुग्तु से दर में बंद सड़क खोलने की कवायद शुरू कर दी है। 

धारचूला के एसडीएम ने बताया कि हेलीकॉप्टर से अन्य विभागों के अधिकारी भी भेजे गए हैं। गांव पहुंचकर ये अधिकारी लोगों से पानी, राशन और अन्य समस्याओं की जानकारी लेंगे और गांव में राशन पहुंचाने के साथ-साथ ऊपरी गांव से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य मेडिकल आपात सेवा के लिए लोगों को हेलीकॉप्टर से धारचूला लाएंगे।